मयांमार ( Mayanmar) के मुसलमानों पर हमलों के ख़िलाफ़ एहतिजाज ( विरोध) और दुआएं

मयांमार ( Mayanmar)  के मुसलमानों पर हमलों के ख़िलाफ़ एहतिजाज ( विरोध) और दुआएं
हज़ारों मुसलमानों ने आज जुलूस निकाला और नमाज़ जुमा के बाद ख़ुसूसी दुआएं की गयीं । ये जुलूस मयांमार ( Mayanmar) में मुसलमानों पर मुबय्यना ( कथित) हमलों के ख़िलाफ़ बतौर‍ ए‍ एहतिजाज निकाला गया था और नमाज़ जुमा के बाद ख़ुसूसी दुआएं की गयों थीं

हज़ारों मुसलमानों ने आज जुलूस निकाला और नमाज़ जुमा के बाद ख़ुसूसी दुआएं की गयीं । ये जुलूस मयांमार ( Mayanmar) में मुसलमानों पर मुबय्यना ( कथित) हमलों के ख़िलाफ़ बतौर‍ ए‍ एहतिजाज निकाला गया था और नमाज़ जुमा के बाद ख़ुसूसी दुआएं की गयों थीं ।

मस्जिद मन्नार में इजतिमाई दुआ के बाद हुकूमत से मुतालिबा किया गया कि मयांमार (Mayanmar) के ओहदेदारों पर दबाव डाला जाय कि मुस्लिम अक़ल्लीयत पर मज़ालिम बंद किए जाएं । ये जुलूस रज़ा एकेडमी के पर्चम तले निकाला गया था । सदर नशीन एकेडमी सईद नूरी ने बैन-उल-अक़वामी तंज़ीम ( अंतर्राष्ट्रीय संस्था) एमन्सिटी की रिपोर्ट का हवाला दिया जिस में बदसुलूकियों बिशमोल ( जिसमें) जिस्मानी बदसुलूकियों , इस्मत रेज़ियों , हलाकतों , जायदादों की तबाहियों और मग़रिबी मयांमार ( Mayanmar) में मुबय्यना तौर पर बुद्व मत के मानने वालो की अक्सरीयत की जानिब से रोहनगया मुसलमानों के हबस-ए-बेजा ( जबरदस्ती) के वाक़ियात को उजागर किया गया है ।

रिपोर्ट के बमूजब ( मुताबिक) 50 हज़ार से 90 हज़ार तक अफ़राद ( लोग) बेघर हो चुके हैं और मुसलमानों की आज़ादी पर तहदीदात ( पाबंदीयां) आइद हैं । सईद नूरी के बमूजब ( मुताबिक) इस मसला ( समस्या) पर एक याददाश्त सयासी क़ाइदीन ( राजनेता) और इंसानी हुक़ूक़ की अलमबरदार तंज़ीमों को भी रवाना की जा चुकी है जिन में सदर जमहूरीया ( राष्ट्र्पति) परनब मुकर्जी , वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह , मुस्लिम ममालिक के क़ाइदीन ( लीडर), अक़वाम-ए-मुत्तहिदा (UN), बैन-उल-अक़वामी इंसानी तंज़ीमों और तंज़ीम मुस्लिम ममालिक ( देशों) पर मुदाख़िलत (हस्तक्षेप) और जराइम के इंसिदाद ( रोकथाम) के लिए सिफ़ारती दबाव डालने की ख़ाहिश की गई है ।

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