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मरकज़ की हिफाज़त में रहेगा इशरत का खानदान

मुंबई, 12 जुलाई: इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2004 में गुजरात पुलिस के हाथों एनकाउंटर में मारी गई इशरत ज‍हां के घर वाले ने अब अपनी जान पर खतरे के इम्कान जताए है। जुमेरात के दिन मरकज़ को खत लिखकर घर व

मुंबई, 12 जुलाई: इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2004 में गुजरात पुलिस के हाथों एनकाउंटर में मारी गई इशरत ज‍हां के घर वाले ने अब अपनी जान पर खतरे के इम्कान जताए है। जुमेरात के दिन मरकज़ को खत लिखकर घर वालो ने सेक्युरिटी मुहैया कराए जाने की गुहार लगाई है। इस पर मरकज़ी हुकूमत फौरन हरकत में आ गई। ज़राए के मुताबिक वज़ीर ए दाखिला सुशील कुमार ने खत पर फौरन कदम उठाने की हिदायत दिए हैं। यानी अब इशरत का खानदान मरकज़ी सेक्युरिटी में रहेगा।

इशरत की बहन मुशरत ने जुमेरात के दिन मुंबई प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस कर खतरे के इम्कान को आवामी किया। प्रेस कांफ्रेंस में फिल्म डायरेक्टर महेश भंट्ट के साथ सामाजी कारकुन शबनम हाशमी भी मौजूद थीं।

मुशरत ने कहा, ‘हमारे घर वालों की जिंदगी खतरे में है। इतना ही नहीं जो लोग हमारा साथ दे रहे हैं, उन पर भी खतरा है। हमारी इंसाफ की लड़ाई के मुखालिफ हमें मुसलसल परेशान कर रहे हैं।’ इशरत की बहन के मुताबिक , ‘बीती रात 2.30 बजे कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए हमारा दरवाजा खटखटाया । लेकिन पहले से मिल रही धमकियों की वजह से डरे हम लोगों ने दरवाजा नहीं खोला।’ मुशरत के मुताबिक, जुमेरात की सुबह जब हमने ठाणे के मुंब्रा थाना इंचार्ज पूछा कि क्या उन्होंने कोई टीम हमारे घर पर भेजी थी तो उनका जवाब था कि थाने से कोई टीम नहीं भेजी गई थी।

इशरत की मां शमीमा कौसर का भी कहना था कि, ‘उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। बाहर निकलने पर उनका पीछा किया जा रहा है। पूरे घर वालों की जान पर खतरा है। सेक्युरिटी दी जाए।’ बीती रात के वाकिया के बाद शमीमा कौसर की वकील वृंदा ग्रोवर ने मरकज़ी दाखिला सेक्रेटरी अनिल गोस्वामी को खत लिखकर पर खतरे के इम्कान के बारे में बताया है।

जुमेरात को लिखे खत में मरकज़ से हिफाज़त की मांग की गई है। शिंदे ने आफीसरों से फौरन कदम उठाने को कहा है। वैसे शिंदे पहले भी कह चुके हैं कि अगर इशरत का खानदान सेक्युरिटी मांगेगी तो उनके हिफाजत का पूरा इंतेजाम किया जाएगा।

गौरतलब है कि मुंबई के करीब मुंब्रा की रहने वाली 19 साला इशरत जहां का 2004 में अहमदाबाद के पास एनकाउंटर कर दिया गया था। सीबीआई ने पिछले हफ्ते ही इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया है। सीबीआई ने इस मामले में गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच के सात पुलिस आफीसरों को मुल्ज़िम बनाया है।

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