Thursday , December 14 2017

मरीज़ों पर नई अदवियात का तजुर्बा करने पर 5 साल जेल

नई अदवियात और कॉस्मेटिक्स (तरमीमी) बिल 2015के तहत जो डॉक्टर्स और फार्मास्युटिकल्स कंपनीयां नई अदवियात का मरीज़ों पर तजुर्बा करते हुए इस क़ानून की मुतवातिर ख़िलाफ़वरज़ी करने के मुर्तक़िब पाए जाएं तो उन्हें पाँच साल जेल की सज़ा होगी।

नई अदवियात और कॉस्मेटिक्स (तरमीमी) बिल 2015के तहत जो डॉक्टर्स और फार्मास्युटिकल्स कंपनीयां नई अदवियात का मरीज़ों पर तजुर्बा करते हुए इस क़ानून की मुतवातिर ख़िलाफ़वरज़ी करने के मुर्तक़िब पाए जाएं तो उन्हें पाँच साल जेल की सज़ा होगी।

अगर ये क़ानून मंज़ूर होता है तो ख़िलाफ़वरज़ी करने वालों को सज़ा दी जाएगी। इस बिल में तजुर्बाती ईलाज पर एक अलाहिदा फ़िक़रा शामिल किया गया है। इस बिल को पार्लियामेंट में पेश किया जाएगा।

बजट सेशन के दौरान बिल की मंज़ूरी मुतवक़्क़े है। एक रिपोर्ट में बताया गया हैके कोई भी नई दवा या नई दवा का तजुर्बाती अमल होता है तो ये बिल के दफ़ा 4A के तहत मुतनाज़ा होगा। इस तरह के जुर्म के इर्तिकाब पर तीन ता पाँच साल की सज़ा और पाँच लाख रुपये जुर्माना होगा। जो कोई बलद के दफ़ा 4K के तहत मुवाख़िज़ा का सामना करेगा और इस का फिर एक बार इस दफ़ा के तहत मुवाख़िज़ा होता है तो इस के लिए सज़ा की मुद्दत तीन साल से कम नहीं होगी और इस पर कम अज़ कम 15 लाख रुपये का जुर्माना आइद किया जाएगा। आंध्र प्रदेश के देहातों में नई अदवियात का तजुर्बा करने के बाइस कई मरीज़ों की अम्वात हुई थीं।

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