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मर्कज़ी-ओ-रियास्ती हुकूमत अवामी मसाइल से बे परवाह

हैदराबाद 10 नवंबर (सियासत न्यूज़) सदर तेल्गुदेसम मिस्टर एन चंद्रा बाबू नायडू ने आज मर्कज़ी हुकूमत और रियास्ती हुकूमत को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए दोनों हुकूमतों को अवामी मसाइल से बे परवाह क़रार दिया।

हैदराबाद 10 नवंबर (सियासत न्यूज़) सदर तेल्गुदेसम मिस्टर एन चंद्रा बाबू नायडू ने आज मर्कज़ी हुकूमत और रियास्ती हुकूमत को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए दोनों हुकूमतों को अवामी मसाइल से बे परवाह क़रार दिया।

उन्हों ने बताया कि रियासत के किसानों की अबतर सूरत-ए-हाल से वाक़फ़ीयत के बावजूद हुकूमत की ख़ामोशी किसानों पर ज़ुलम के मुतरादिफ़ है मिस्टर नायडू ने बताया कि रियासत के कई अज़ला में किसान ख़ुशकसाली के सबब मसाइल का शिकार हैं और हुकूमत की जानिब से नाकाफ़ी इमदाद की फ़राहमी के सबब पेशा से ताल्लुक़ बरक़रार रखने से क़ासिर हैं।

उन्हों ने बताया कि आज़ाद हिंदूस्तान की तारीख़ में पहली मर्तबा किसान तर्क पेशा के मुताल्लिक़ संजीदगी से ग़ौर कररहे हैं बल्कि आंधरा प्रदेश में किसानों ने तर्क पेशा का आग़ाज़ कर दिया है।

सदर तेल्गुदेसम पार्टी ने रियासत की ज़रई पालिसी को ग़ैर वाज़िह क़रार देते हुए कहाकि रियासत आंधरा प्रदेश ने जो ज़रई पालिसी इख़तियार की है वो किसानों के लिए फ़ायदेमंद नहीं है बल्कि इस के रास्त फ़वाइद ख़ानगी कंपनीयों को हासिल हो रहे हैं।

मिस्टर एन चंद्रा बाबू नायडू ने बताया कि तलगोदीशम पार्टी ने अपने दौर-ए-हकूमत में महिदूद वसाइल के बावजूद किसानों को मुम्किना मदद फ़राहम की थी लेकिन बरसर-ए-इक्तदार कांग्रेस ने इक़तिदार हासिल करने से क़बल किसानों को हमनवा बनाने के लिए बलंद बाँग दावे किए लेकिन अब इंतिख़ाबात से क़बल किए गए वादों पर अमल आवरी से क़ासिर है।

उन्हों ने बताया कि रियासत के बेशतर अज़ला में किसानों को बर्क़ी की अदम सरबराही के इलावा खाद और तुख़्म की सरबराही जैसे मसाइल का सामना है लेकिन रियास्ती हुकूमत इस मसला के हल के लिए इक़दामात करने से राह फ़रार इख़तियार कर रही है।

उन्होंने किसानों के ताल्लुक़ से मर्कज़ी-ओ-रियास्ती हुकूमत के इख़तियार करदा रवैय्या पर शदीद तन्क़ीद की और किसानों को राहत फ़राहम करने ज़ोर दिया।

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