Wednesday , December 13 2017

मर्कज़ी बजट में अच्छे दिन कहीं नज़र नहीं आए: उमर अब्दुल्लाह

वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि मर्कज़ी वज़ीर मालियात अरूण जेटली की जानिब से एन डी ए हुकूमत का जो पहला बजट पेश किया गया है, इस में अच्छे दिन कहीं नज़र नहीं आए।

वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि मर्कज़ी वज़ीर मालियात अरूण जेटली की जानिब से एन डी ए हुकूमत का जो पहला बजट पेश किया गया है, इस में अच्छे दिन कहीं नज़र नहीं आए।

जिस तरह मानसून हमारे साथ आंखमचौली खेल रहा है इससे ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि मुस्तक़बिल क़रीब में भी अच्छे दिनों का दूर दूर तक कहीं पता नहीं। इंतिख़ाबात से पहले अच्छे दिनों का वादा ज़रूर किया गया था लेकिन बाद में इंतिख़ाबात अब वही लोग कह रहे हैं कि अच्छे दिन के हुसूल के लिए कड़वी गोली भी खाना पड़ेगी।

अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हुकूमत को इक़तिदार पर आए हुए दो माह का अर्सा भी नहीं गुज़रा है। होसकता है कि आइन्दा कुछ माह के दौरान उस की सही तस्वीर सामने आए। वज़ीर मालियात के इस बयान का हवाला देते हुए जहां उन्हों ने कहा था कि जम्मू और वादी कश्मीर में इंडोर और आउट डोर स्टेडियमस को मज़ीद सहूलयात से लैस करने और उन्हें असरी नौईयत का बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये मुख़तस किए गए हैं|

उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि रियासत को बजट से एक दो उम्मीदें थीं ख़ुसूसी तौर पर नौजवान तबक़ा के लिए। उन्होंने कहा कि जब वज़ीर मालियात पहली बार वादी के दौरा पर आए थे तो उन्होंने (उमर) उनसे रियासत के नौजवानों के लिए स्पोर्टस के शोबा में बेहतर इनफ़रास्ट्रक्चर के पैकेज का मांग‌ किया था जिसे वज़ीर मालियात ने मंज़ूर करलिया था।

अरूण जेटली ने एम्स हॉस्पिटल की तर्ज़ पर रियासत में नया हॉस्पिटल क़ायम करने की बात की थी, जिस पर उन्होंने (उमर) वज़ाहत की। जम्मू और श्रीनगर में पहले ही दो सुपर स्पीशालटी हॉस्पिटल मौजूद हैं। बजाय एक नया हॉस्पिटल क़ायम करने के अगर मौजूदा दोनों हॉस्पिटल्स को मज़ीद सहूलत बख़श बनाने मालियाती पैकेज दिया जाये तो बेहतर होगा लेकिन अब तक इस बारे में वज़ीर मालियात की जानिब से कोई खबर‌ नहीं है।

उम्मीद करता हूँ कि जब भी एम्स की तर्ज़ पर हॉस्पिटल्स को बेहतर बनाने का प्रोग्राम शुरू होगा जम्मू और श्रीनगर के हॉस्पिटल्स को ज़रूर शामिल किया जाएगा।

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