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मलाला ने मनायी 16वीं सालगिरह

अकवाम ए मुत्तहिदा, 13 जुलाई: :लड़कियों की तालीम के लिए आवाज बुलंद करने की वजह से पिछले साल तालिबान ने पाकिस्तान में मलाला यूसुफजई के कत्ल की कोशिश की। डाक्टरो की कोशिशों से बची मलाला ने जुमे के दिन अकवाम ए मुत्तहिदा ( यूनाइटेड नेशन) म

अकवाम ए मुत्तहिदा, 13 जुलाई: :लड़कियों की तालीम के लिए आवाज बुलंद करने की वजह से पिछले साल तालिबान ने पाकिस्तान में मलाला यूसुफजई के कत्ल की कोशिश की। डाक्टरो की कोशिशों से बची मलाला ने जुमे के दिन अकवाम ए मुत्तहिदा ( यूनाइटेड नेशन) में अपना 16वीं सालगिरह मनायी। अब ब्रिटेन में पढ़ रही मलाला ने इस मौके पर सभी बच्चों के लिए मुफ्त स्कूली तालीम लाज़मी बनाने की अपील की।

अकवाम ए मुत्तहिदा के जनरल सेक्रेटरी बान की मून और न्यूयार्क वाकेए अकवाम ए मुत्तहिदा हेडक्वार्टर की यूथ असेंबली में हिस्सा लेने दुनिया भर से जुटे करीब एक हजार स्टूडेंट्स से मलाला ने कहा कि ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए तालीम ही एक रास्ता है। उसने कहा, ‘अब हमें अपनी किताबें व कलम उठा लेनी चाहिए। ये सबसे ताकत हथियार हैं। एक बच्चा, एक शिक्षक, एक कलम और एक किताब पूरी दुनिया को बदल सकते हैं।

पिछले साल अक्टूबर में तालिबान दहशतगर्दों ने मलाला के सिर में नजदीक से गोली मार दी थी ताकि वह पाकिस्तान की स्वात वादी का स्कूल छोड़ दे। ऐसा इस वजह से कि वह वहां ख़्वातीन को पढ़ने नहीं देने के तालिबान की कोशिशों के खिलाफ मुहिमचला रही थी।

मलाला ने मून को करीब 40 लाख लोगों का दस्तखत की हुई दरखास्त सौंपी जिसमें दुनिया के 5.7 करोड़ वैसे बच्चे जो स्कूल नहीं जा पा रहे हैं उनके लिए दुनिया भर के लीडरों से नए टीचर, स्कूल और किताबें मुहैया कराने और बच्चो को मजदूरी , नाबालिग उम्र मे शादी व बच्चो की तस्करी रोकने के लिए मांग की गई है।

पाकिस्तान समेत दुनिया भर में जुमे का दिन भले ही मलाला की सालगिरह को मलाला डे के तौर में मनाया गया लेकिन उसके Hometown में कोई प्रोग्राम मुनाकिद नहीं हुआ। खैबर पख्तूनख्वा सूबे के स्वात जिले में किसी ने मलाला को याद भी नहीं किया।

सूबे में इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए- इंसाफ पार्टी की हुकूमत है। यहां हुकूमत की ओर से किसी प्रोग्राम का इंइकाद नहीं हुआ।

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