Friday , December 15 2017

मशरिक़ वुसता के लिए दो क़ौमी हल नामुमकिन : महमूद अब्बास

रमला सदर फ़लस्तीन महमूद अब्बास ने आज कहा कि मशरिक़ वुसता में दो क़ौमी हल नामुमकिन है, ख़ासकर वज़ीर-ए-आज़म नेतन्याहू की ज़ेर-ए-क़ियादत इसराईली हुकूमत के साथ दो क़ौमी हल निकलना नामुमकिन है।

रमला

सदर फ़लस्तीन महमूद अब्बास ने आज कहा कि मशरिक़ वुसता में दो क़ौमी हल नामुमकिन है, ख़ासकर वज़ीर-ए-आज़म नेतन्याहू की ज़ेर-ए-क़ियादत इसराईली हुकूमत के साथ दो क़ौमी हल निकलना नामुमकिन है।

दो क़ौमी हल के ख़िलाफ़ नेतन्याहू के बयानात और फ़लस्तीनी मुम्लिकत के ख़िलाफ़ उन की पालिसी शाहिद है कि मशरिक़ वुसता में अमन के क़ियाम में कोई दिलचस्पी नहीं है। अगर मेरी बात दुरुस्त है तो फिर इसराईली हुकूमत में संजीदगी की कोई गुंजाइश नहीं होगी।

आने वाले दिनों में मशरिक़ वुसता के मसाइल का सियासी हल निकालने की उम्मीदें चकनाचूर होंगी। नेतन्याहू की इसराईली इंतेख़ाबात में कामयाबी के दूसरे दिन महमूद अब्बास ने कहा कि नेतन्याहू ने फ़लस्तीनी ममलकत के क़ियाम को ख़ारिज अज़ इमकान क़रार दिया है।

अब उनकी क़ियादत में इसराईल के साथ पुरअमन बकाए बाहम के मुआहिदे ग़ैर मुतवक़्क़े हैं। महमूद अब्बास ने कहा कि फ़लस्तीनी अवाम अपने बैन-उल-अक़वामी जायज़ मुतालिबात को पूरा करने के लिए जद्द-ओ-जहद जारी रखेंगे।

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