मसला कश्मीर पाकिस्तान की मदद के बगैर हल करने का ऐलान

मसला कश्मीर पाकिस्तान की मदद के बगैर हल करने का ऐलान
अलहैदगी पसंद क़ाइद यसीन मलिक ने कहा कि जम्मू-ओ-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जे के एल एफ) कोशिश करेगा कि मसला कश्मीर की यकसूई पाकिस्तान की मदद के बगैर की जाए। वो जमात-ए-इस्लामी के अमीर मुनव्वर हसन से जमात-ए-इस्लामी के हेडक्वार्टर्स मंसूरा म

अलहैदगी पसंद क़ाइद यसीन मलिक ने कहा कि जम्मू-ओ-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जे के एल एफ) कोशिश करेगा कि मसला कश्मीर की यकसूई पाकिस्तान की मदद के बगैर की जाए। वो जमात-ए-इस्लामी के अमीर मुनव्वर हसन से जमात-ए-इस्लामी के हेडक्वार्टर्स मंसूरा में मुलाक़ात के बाद एक प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मसला कश्मीर की यकसूई की कोशिशों में शिद्दत पैदा कर दी जाएगी और अगर पाकिस्तान, हिंदूस्तान दीगर बैन अल-अक़वामी ममालिक जिन्हें इस मसला से गहरी दिलचस्पी है, अपने गैर ज़िम्मादाराना ब्यानात जारी रखें तो हमें इन सब को नज़रअंदाज कर के अपने तौर पर मसला की यकसूई की कोशिशें करनी होंगी ।

उन्होंने कहा कि इन का एहसास है कि मसला की अहमियत को कम किया जा रहा है। इस हक़ीक़त के बावजूद कि अवाम बंदूकें फेंक चुके हैं और मसाएल की जानिब तवज्जा मबज़ूल करने के लिए पुरअमन एहतिजाजी मुज़ाहिरे कर रहे हैं । इसलिए वो भी इस मसला की पाकिस्तान की मदद के बगैर यकसूई की कोशिश करेंगे।

उन्होंने दावा किया कि हिंदूस्तान और बाअज़ मग़रिबी ममालिक ने शर्त आइद की है कि अगर कश्मीरी अवाम ख़ुद को गैर मुसल्लह करलें और पुरअमन एहतिजाज करें तो उनके मुतालिबात पर संजीदगी से ग़ौर किया जाएगा। यसीन मलिक ने कहा कि ज्यों की त्यों सूरत-ए-हाल कश्मीरियों के लिए नाक़ाबिल‍ ए‍ कुबूल है।

जारीया हिंद पाक बात चीत का अहया होने के बाद ज्यों की त्यों सूरत-ए-हाल कुबूल नहीं की जा सकती। अब कश्मीरियों का ये तास्सुर है कि इनके मसला को पसेपुश्त रख दिया गया है। पाकिस्तान और हिंदूस्तान को पाएदार अमन की इस वक़्त तक उम्मीद नहीं रखनी चाहीए जब तक कि ये मसला हल ना हो जाए।

उन्होंने इंतिबाह दिया कि अगर दोनों ममालिक मसला की पर अमन यकसूई से क़ासिर है तो कश्मीरी मुसल्लह जद्द-ओ-जहद दुबारा शुरू करने पर मजबूर हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि यके बाद दीगरे पाकिस्तानी हुकूमतें कहती रही हैं कि मसला कश्मीर हल किया जाएगा लेकिन मौजूदा हुकूमत इस मसला पर बात करने से भी गुरेज़ कर रही है।

उन्होंने कहा कि 11 सितंबर के दहश्तगर्द हमला के बाद मुस्लमानों ने अह्द किया है कि बैन अल-अक़वामी मसाइल की पुरअमन कोशिशों से यकसूई की जाएगी |

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