Tuesday , June 19 2018

मसाइल की यकसूई के लिए यू पी ए के पास दरकार अक्सरीयत मौजूद

हुकूमत , पार्लीमेंट में अपोज़ीशन का सामना करने की तैयारी कर रही है। इस मौक़ा पर वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आज एतिमाद ज़ाहिर किया कि यू पी ए के पास दरकार अक्सरीयत मौजूद है, जिसकी मसाइल से निमटने के लिए ज़रूरत हो सकती है। उन्होंने वस्त मुद्

हुकूमत , पार्लीमेंट में अपोज़ीशन का सामना करने की तैयारी कर रही है। इस मौक़ा पर वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आज एतिमाद ज़ाहिर किया कि यू पी ए के पास दरकार अक्सरीयत मौजूद है, जिसकी मसाइल से निमटने के लिए ज़रूरत हो सकती है। उन्होंने वस्त मुद्दती इंतेख़ाबात का इम्कान मुस्तर्द कर दिया।

पार्लीमेंट के बजट इजलास के आग़ाज़ से ऐन क़ब्ल प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए उन्होंने कहा कि इनके ख़्याल में पारलीमानी ज़िंदगी के दबाव का ये भी एक हिस्सा है। इसलिए वो तमाम मसाइल पर ऐवान पार्लीमेंट में तबादला-ए-ख़्याल और मुबाहिस के लिए तैयार हैं। उन्हें एतिमाद है कि इन मसाइल की यकसूई केलिए जितनी अक्सरीयत ज़रूरी है, वो यू पी ए के पास मौजूद है।

वो प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान सवालात के जवाब दे रहे थे। इनसे सवाल किया गया था कि क्या हुकूमत के पास ज़रूरी अक्सरीयत मौजूद है ? इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस और हुकूमत पर काबिल लिहाज़ दबाव पड़ रहा है और उन्हें यक़ीन है कि हुकूमत के पास मुख़्तलिफ़ मसाइल की यकसूई के लिए दरकार अक्सरीयत मौजूद है, ताहम उन्होंने तमाम सयासी पार्टीयों से अपील की कि वो तआवुन के जज़बा से मिल जुल कर काम करें और उन ज़बरदस्त चैलेंजों का सामना करें और मुल्क को दस्तयाब वसाइल से इस्तेफ़ादा करें।

बजट इजलास में हुकूमत को सख़्त आज़माईश का सामना है, क्योंकि कांग्रेस असेंबली इंतेख़ाबात में बुरी तरह नाकाम हो चुकी है और इम्कान है कि वफ़ाक़ीयत के जज़बे को बरक़रार रखने और सब को साथ लेकर चलने की इसकी कोशिश नाकाम हो जाएगी। कांग्रेस, यू पी ए की मख़लूत हुकूमत की सरबराह है और इस बात का कोई इम्कान नहीं कि वो अपने हलीफ़ों की ताईद को यक़ीनी समझ ले और उन पर इन्हेसार करे, जैसा कि यू पी ए की कलीदी हलीफ़ तृणमूल कांग्रेस ने वाज़िह कर दिया है कि वो फ़र्टीलाइज़र्स पर सबसिडी में कमी और पैट्रोलीयम की क़ीमतों में इज़ाफ़ा की सख़्त मुख़ालिफ़ है।

तृणमूल कांग्रेस की सरबराह ममता बनर्जी गैरकांग्रेसी चीफ़ मिनिस्टर्स के साथ हैं जो मुजव्वज़ा क़ौमी इन्सेदाद-ए-दहशतगर्दी मर्कज़ के क़ियाम की मुख़ालिफ़त कर रहे हैं। कांग्रेस पर असेंबली इंतेख़ाबात में शिकस्त की वजह से सख़्त दबाव पड़ रहा है। अपोज़ीशन क़ाइदीन ने इशारा दिया है कि बजट इजलास में ऐवान पार्लीमेंट में हलीफ़ों और कांग्रेस के दरमयान हम आहंगी देखी जाएगी, उसकी ताईद करने वाली पार्टीयां और अप्ज़ीशन वफ़ाक़ीयत के मसला पर मुत्तहिद हो सकती हैं।

वज़ीर-ए-आज़म और सदर नशीन यू पी ए सोनीया गांधी को एक मुख़ालिफ़त का सामना करना पड़ेगा जो इम्कान है कि तीन माह तवील बजट इजलास के दौरान मुसलसल जारी रहेगी।

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