Tuesday , December 12 2017

मस्जिद कलां कुलसूम पूरा को भी ख़तरा!

हैदराबाद । 22 जनवरी (सियासत न्यूज़) चंद यौम क़बल आबादी शहर से दूर कोह के दामन में एक अर्सा से गैर अबाद मस्जिद को चंद मफ़ाद परस्तों ने शहीद करदिया था तो फ़र्र ज़दाने तौहीद ने इस को दुबारा आबाद करने का अज़म किया। ये बात एक गैर अबाद मस्ज

हैदराबाद । 22 जनवरी (सियासत न्यूज़) चंद यौम क़बल आबादी शहर से दूर कोह के दामन में एक अर्सा से गैर अबाद मस्जिद को चंद मफ़ाद परस्तों ने शहीद करदिया था तो फ़र्र ज़दाने तौहीद ने इस को दुबारा आबाद करने का अज़म किया। ये बात एक गैर अबाद मस्जिद को मुनहदिम करने के बाद हमीयत जाग उठने की है तो दूसरी तरफ़ आबादी में वाक़ै एक आबाद क़दीम मस्जिद को भी अब निशाना बनाने के मंसूबे तैय्यार किए जा रहे हैं।

अगर मुफ़ाद परस्त अपने मंसूबों में कामयाब होजाते हैं तो इस मस्जिद को ख़तरा लाहक़ होने में कोई देर नहीं लगेगी। तफ़सीलात के बमूजिब मस्जिद कलां कुलसूम पूरा कारवां साहू की मक़बूज़ा जायदाद पर लैंड गिरा बरस बड़े पैमाने पर नाजायज़ क़बज़ा करते हुए एक तईं शैड तामीर करदिया और मज़ीद 500 गज़ अराज़ी पर क़बज़ा केलिए खुदाई शुरू करदी है।

जब उस की इत्तिला आम हुई तो मुताल्लिक़ा मस्जिद की इंतिज़ामी कमेटी के सदर अहमद पाशाह कादरी से रब्त करने की कोशिश की गई तो उन के दफ़्तर का टेलीफ़ोन कोई वसूल करने वाला ही नहीं है। मस्जिद कलां को इन दिनों ख़तरा बढ़ता ही जा रहा है। जनाब एम ए बासित की शिकायत पर अबदुल क़ुद्दूस टास्क फ़ोर्स ऑफीसर ए पी स्टेट वक़्फ़ बोर्ड ने भी मस्जिद के अहाता में जारी तामीराती कामों का जायज़ा लेने के बाद चीफ़ एगज़ीकीटीव ऑफीसर ए पी स्टेट वक़्फ़ बोर्ड को एक मकतूब के ज़रीया बताया कि मस्जिद कलां कुलसूम पूरा कारवां साहू दर्ज औक़ाफ़ है।

जिस का ए पी गज़्ट नंबर 12-A, पार्ट II मौरर्ख़ा 21 मार्च 1985 सफ़ा नंबर 24 और सरकील नंबर 1865 दर्ज है, जिस पर इमरान ख़ां वलद मुमताज़ ख़ां साकिन निज़द शहाब होटल कारवाँ मुहम्मद फ़ैज़ उद्दीन उर्फ़ झूले वालिद फ़ैज़ू की ताईद से नाजायज़ क़बज़ा किया है। इस पर मस्जिद कमेटी की जानिब से कोई शिकायत नहीं की गई है जबकि मस्जिद कमेटी के सदर शहर की एक जमात के रुकनअसमबली हैं।

जब उन से तफ़सीलात दरयाफ़त करने की कोशिश की गई तो राबिता नहीं हो पाया। टास्क फ़ोर्स ऑफीसर ने स्टेशन हाउज़ ऑफीसर टप्पा चबूतरा को भी 19 जनवरी 2012-ए-को शिकायत की है। इस के बावजूद ताहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई और यहां तामीराती काम जारी है। मस्जिद कलां और इस के अहाता में वाक़्य अराज़ी को ख़तरा बढ़ता जा रहा है। इस पर फ़ौरी तवज्जा देने की ज़रूरत है।

TOPPOPULARRECENT