Friday , December 15 2017

मस्जिद की दीवार दुर्गा शक्ति ने मुनहदिम नहीं की थी

मुक़ामी महिकमा सुराग़ रसानी का इन्किशाफ़ ,ऐसे ओहदेदार सलामी के मुस्तहिक़ मुअत्तली के नहीं:मनीष तीवारी

मुक़ामी महिकमा सुराग़ रसानी का इन्किशाफ़ ,ऐसे ओहदेदार सलामी के मुस्तहिक़ मुअत्तली के नहीं:मनीष तीवारी
सब डीवीझ़न मजिस्ट्रेट ज़ेवर और मुअत्तल आई ए ऐस ओहदेदार दुर्गा शक्ति नागपाल जो एक ज़र-ए-तामीर मस्जिद की अहाते की दीवार मुनहदिम करते वक़्त नोईडा के इलाक़ा सदर की एस डी ऐम थी । मुक़ामी महिकमा सुराग़ रसानी की ताज़ा तरीन रिपोर्ट के बमूजब दीवार मुनहदिम करने वाला ओहदेदार दुर्गा शक्ति नागपाल नहीं बल्कि कोई और था ।

इस रिपोर्ट ने हुकूमत यू पी को पसपाई इख़तियार करने पर मजबूर कर दिया है ये रिपोर्ट रियास्ती हुकूमत को 27 जुलाई को पेश की गई थी उसी दिन चंद घंटे बाद दुर्गा शक्ति नागपाल को तबादला कर के रियास्ती रीवैन्यू बोर्ड में तायनात कर दिया गया था ।समाजवादी पार्टी के सदर मुलाय‌म सिंह यादव ने कल वाज़िह कर दिया कि चीफ़ मिनिस्टर यू पी अखिलेश यादव का इस मामले में फ़ैसला दुरुस्त था और पसपाई इख़तियार करने की कोई ज़रूरत नहीं है ।

सदर कांग्रेस सोनीया गांधी ने वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह को जो मकतूब रवाना किया है कि ओहदेदारों के साथ ये सुलूक ग़ैर मुंसिफ़ाना है । उसकी परवाह किए बगै़र मुलाय‌म सिंह यादव ने कहा कि दुर्गा शक्ति की मुअत्तली का फ़ैसला क़तई है । सरकारी ज़राए ने मुक़ामी महिकमा सुराग़ रसानी की रिपोर्ट की तौसीक़ करदी है कि रियास्ती हुकूमत की सियासी क़ियादत ने अब इस मसले पर पसपाई इख़तियार करने का फ़ैसला करलिया है ।

रिपोर्ट के बमूजब मस्जिद देहात कदल पुर में तामीर की जा रही थी जो पुलिस स्टेशन रग्घू पूरा के तहत है । तामीर का मुआइना करने के बाद एक बजे दोपहर मस्जिद के इन्हिदाम का हुक्म दिया गया । उस वक़्त मुअत्तल आई ए ऐस ओहदेदार मस्जिद के क़रीब कहीं भी मौजूद नहीं थी । क़ब्लअज़ीं ज़िला मजिस्ट्रेट नोईडा को मुक़ामी महिकमा सुराग़ रसानी से महसला रिपोर्टस का हवाला देते हुए कहा था कि मुअत्तल आई ए ऐस ओहदेदार बिलकुल बेक़सूर हैं।

नई दिल्ली से पी टी आई की इत्तेला के बमूजब यू पी की मुअत्तल आई ए ऐस ओहदेदार दुर्गा शक्ति नागपाल की रीत माफ़िया के ख़िलाफ़ कार्रवाई की ताईद करते हुए मर्कज़ी वज़ीर मनीष तीवारी ने कहा कि ऐसे ओहदेदार जो गै़रक़ानूनी कार्यवाईयों का इंसिदाद करते हैं सलामी देने के मुस्तहिक़ है ।मुअत्तल करने के नहीं ।

वज़ीर-ए-इत्तलात-ओ-नशरियात ने एक प्रैस कान्फ़्रैंस में कहा कि ऐसे सरकारी मुलाज़मीन जो क़ानून के मुताबिक़ कार्यवाहीयां करते हैं उन्हें सलाम किया जाना चाहीए मुअत्तल नहीं ।उन्होंने ख़ाहिश ज़ाहिर की कि अगर पंजाब में दुर्गा शक्ति नागपाल जैसे चंद ओहदेदार होते तो पंजाब जारी बड़े पैमाने पर गै़रक़ानूनी कानकनी का इंसिदाद मुम्किन था।

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