Saturday , December 16 2017

मस्जिद गटला बेगमपेट की तामीर-ए-नौ मुसलमानों में ख़ुशी की लहर

गटला बेगमपेट में तारीख़ी मस्जिद आलमगीर की तामीर जदीद के संग-ए-बुनियाद की तक़रीब में मुक़ामी मुसलमानों ने इस औकाफ़ी अराज़ी पर आलीशान मस्जिद की तामीर के फ़ैसले का ख़ैर मुक़द्दम किया।

गटला बेगमपेट में तारीख़ी मस्जिद आलमगीर की तामीर जदीद के संग-ए-बुनियाद की तक़रीब में मुक़ामी मुसलमानों ने इस औकाफ़ी अराज़ी पर आलीशान मस्जिद की तामीर के फ़ैसले का ख़ैर मुक़द्दम किया।

बड़ी तादाद में मौजूद मुक़ामी मुसलमानों ने जिन में सियासी और मज़हबी क़ाइदीन भी शामिल थे एडीटर सियासत ज़ाहिद अली ख़ान की कोशिश पर इज़हार-ए-तशक्कुर क्या। मस्जिद कमेटी और ईदगाह कमेटी से वाबस्ता अफ़राद ने मस्जिद की तामीर-ए-नौ के सिलसिले में ज़ाहिद अली ख़ान की ख़ुसूसी दिलचस्पी और दुबई में मुक़ीम एन आर आई अहमद नवाज़ ख़ान के गिरांक़द्र अतीए की सताइश करते हुए इस यक़ीन का इज़हार किया कि इलाके में एक आलीशान मस्जिद की तामीर से अतराफ़-ओ-अकनाफ़ के मुसलमानों के अलावा हाईटेक सिटी में मुलाज़मत करने वाले नौजवानों के देरीना मुतालिबा की तकमील होगी।

मुक़ामी अफ़राद ने मस्जिद के साथ साथ एक दीनी मदरसे और इस्लामिक सेंटर से मुताल्लिक़ ज़ाहिद अली ख़ान की तजवीज़ को वक़्त की अहम ज़रूरत क़रार दिया। मुक़ामी मुसलमानों ने गटला बेगमपेट की तारीख़ी मस्जिद के तहफ़्फ़ुज़ और अतराफ़-ओ-अकनाफ़ की औकाफ़ी आराज़ीयात की सयानत के सिलसिले में रोज़नामा सियासत की कोशिश का हवाला देते हुए कहा कि ज़ाहिद अली ख़ान की ख़ुसूसी दिलचस्पी का नतीजा हैके मस्जिद आलमगीर की तामीर-ए-नौ के काम का आग़ाज़ होरहा है। मुक़ामी अफ़राद ने ज़ाहिद अली ख़ान को यक़ीन दिलाया कि वो मुत्तहदा तौर पर और बाहमी इत्तिफ़ाक़ राय से मस्जिद के तामीरी काम की आजलाना तकमील में मुकम्मिल तआवुन करेंगे। ज़ाहिद अली ख़ान को मस्जिद के प्लान और अतराफ़ की औकाफ़ी अराज़ी का मुआइना किराया गया।

उन्होंने कहा कि पिछ्ले 20 बरसों से औकाफ़ी अराज़ी के तहफ़्त की कोशिश की जा रही है जिसे ज़ाहिद अली ख़ान की मुकम्मिल ताईद हासिल रही।

मुक़ामी मुसलमानों ने इस यक़ीन का इज़हार किया कि ज़ाहिद अली ख़ान टी आर एस हुकूमत और बिलख़सूस चीफ़ मिनिस्टर-ओ-डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर से मूसिर नुमाइंदगी के ज़रीये गटला बेगमपेट की सारी औकाफ़ी अराज़ी के तहफ़्फ़ुज़ को यक़ीनी बनाएंगे।

एडीटर सियासत ने मुलाक़ात के दौरान मुक़ामी अफ़राद को मश्वरह दिया कि वो औकाफ़ी अराज़ी के तहफ़्फ़ुज़ और आलीशान मस्जिद की तामीर के सिलसिले में मुकम्मिल इत्तेहाद का सबूत दें ता के किसी भी इख़तिलाफ़ की सूरत में नाजायज़ काबिज़ीन को फ़ायदा पहुंचने ना पाए। मस्जिद की तामीर-ए-नौ के संग-ए-बुनियाद के बाद महमूद अली, ज़ाहिद अली ख़ान और दुसरे नुमाइंदा मुस्लिम शख़्सियतों ने मस्जिद आलमगीर में नमाज़ अस्र बाजमाअत अदा की। मुक़ामी मुसलमानें ने स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड जलालुद्दीन अकबर से भी इज़हार-ए-तशक्कुर किया।

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