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मस्जिद दोस्तुल्लाह बेग (रह) बेगम बाज़ार की जमीन पर कब्जा

हैदराबाद 9 मार्चः मस्जिद दोस्तुल्लाह बेग (रह) बेगम बाज़ार के क़ब्रिस्तान की जमीन पर मुक़ामी पहलवान के कब्ज़े और फिर उसे दूसरे पहलवान को नाजायज़ तौर पर फरोख्त कर दीए जाने के बारे में जुमेरात 7 मार्च को सियासत में ख़ुसूसी रिपोर्ट क

हैदराबाद 9 मार्चः मस्जिद दोस्तुल्लाह बेग (रह) बेगम बाज़ार के क़ब्रिस्तान की जमीन पर मुक़ामी पहलवान के कब्ज़े और फिर उसे दूसरे पहलवान को नाजायज़ तौर पर फरोख्त कर दीए जाने के बारे में जुमेरात 7 मार्च को सियासत में ख़ुसूसी रिपोर्ट की इशाअत के साथ ही सरकारी हल्कों में हलचल मच गई थी जब कि मुसलमानों में भी मस्जिद को मौक़ूफ़ा जमीन पर गुंडा अनासिर के कब्जा को लेकर काफ़ी बेचैनी पाई जा रही थी,

ताहम आज आंध्र प्रदेश स्टेट वक़्फ़ बोर्ड अपनी ज़िम्मेदारी का एहसास करते हुए हरकत में आ गया और क़ब्रिस्तान की जमीन पर जारी गैर कानूनी और नाजायज़ तामीरी काम रोक दिया गया है ।

सदर नशीन रियासती वक़्फ़ बोर्ड मौलाना ग़ुलाम अफ़ज़ल ब्याबानी अल मारूफ़ ख़ुसरो पाशाह ने बाद नमाज़ जुमा इस मस्जिद का तफ़सीली मुआइना किया और क़ब्रिस्तान पर किए गए नाजायज़ कब्जा के बारे में तफ़सीलात हासिल किए ।

बाद में उन्हों ने सियासत को बताया कि सर्किल इन्सपेक्टर आफ़ पुलिस शाह इनायत गंज पी सत्या और अस्सिटेंट टाउन प्लानर जी एच एम सी सर्किल नंबर 2 हैदराबाद को तहरीरी तौर पर शिकायत पेश की है ।

मौलाना ख़ुसरो पाशाह ने पुर ज़ोर अंदाज़ में कहा कि मौक़ूफ़ा जमीन पर कब्जा की किसी को भी इजाज़त नहीं दी जाएगी और ना ही किसी दबाव को क़ुबूल किया जाएगा ।

सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड ने बताया कि वक़्फ़ बोर्ड ने पुलिस और टाउन प्लानर जी एच एम सी सर्किल नंबर 2 हैदराबाद को पेश कर्दा दरख़ास्तों में वाज़ेह किया है कि मस्जिद दोस्त उल्लाह बेग (रह) बेगम बाज़ार मआ क़ब्रिस्तान दर्ज वक़्फ़ है और इस का बल्दी नंबर 15-8-144 रकबा 448.6 मुरब्बा गज़ है जो भाजी मंडी बेगम बाज़ार में वाक़े है ।

दरख़ास्त में ये भी बताया गया है कि ये एक मौक़ूफ़ा जायदाद है जिस का हवाला आंध्र प्रदेश गज़ट नंबर 19-A मौर्ख़ा 09-05-1985 में भी दिया गया है । इस के इलावा इस मौक़ूफ़ा जायदाद का सर्वे कमिशनर रिपोर्ट में भी अहाता किया गया है ।

दस तारीख के बाद एफ आई आर दर्ज की जाएगी । इस बारे में सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड ने बताया कि अगर इन्सपेक्टर पुलिस एफ आई आर दर्ज करने में पसो पेश कर रहे हैं तो हम आला ओहदेदारों से रुजू होंगे ताकि गुंडा अनासिर को मौक़ूफ़ा जायदादों पर बुरी नज़र डालने की हिम्मत ना हो सके ।

क़ारईन ! कल ही हम ने रिपोर्ट में मुक़ामी पुलिस की ख़ामोशी पर सवालात उठाए थे । अब इन्सपेक्टर पुलिस का एफ आई आर दर्ज ना करने से अंदाज़ा होता है कि इस बेचारे पर किस तरह का दबाव पड़ रहा होगा ।

ज़राए से पता चला है कि मुक़ामी पहलवान के सरपरस्ती करने वाले रियासती वज़ीर भी इस मसला पर सियासत की रिपोर्ट की इशाअत के बाद काफ़ी तशवीश में मुबतला हो गए हैं क्यों कि बाअज़ पार्टी क़ाइदीन का कहना है कि वो कांग्रेस की शबीह मुतास्सिर कर रहे हैं।

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