Monday , December 18 2017

मस्जिद हिम्मत यार जंग (बेगम मस्जिद)की जमीन पर कमर्शियल काम्प्लेक्स!

हैदराबाद 13 जुलाई तारीख़ी मक्का मस्जिद के अतराफ़ और अकनाफ़ कई मसाजिद हैं और उन मसाजिद का शुमार भी क़दीम मसाजिद में होता है लेकिन मक्का मस्जिद के बिलकुल मुक़ाबिल मस्जिद हिम्मत यार जंग है जो बेगम की मस्जिद के नाम से भी मशहूर है।

हैदराबाद 13 जुलाई तारीख़ी मक्का मस्जिद के अतराफ़ और अकनाफ़ कई मसाजिद हैं और उन मसाजिद का शुमार भी क़दीम मसाजिद में होता है लेकिन मक्का मस्जिद के बिलकुल मुक़ाबिल मस्जिद हिम्मत यार जंग है जो बेगम की मस्जिद के नाम से भी मशहूर है।

ये मस्जिद इंतिहाई अहम और मसरूफ़ तरीन मुक़ाम पर वाक़े है । जहां मलगियों का किराया हज़ारों में वसूल किया जाता है ख़ुशी की बात ये है कि इस मस्जिद के तहत 530 और 134 दो आराज़ीयात हैं लेकिन अफ़सोस के इस पर कमर्शियल काम्प्लेक्स तामीर करने का मंसूबा बनाया जा रहा है जब कि इस मस्जिद को ख़ुद तौसीअ की ज़रूरत है क्यों कि वहां पार्किंग की जगह तक नहीं।

आप को बतादें कि इस जमीन पर एक दीनी मदर्सा का संगे बुनियाद रखा गया लेकिन आज तक वहां मदर्सा तामीर ना हो सका । अगर्चे वहां एक दीनी मदर्सा तामीर किया जाने वाला था लेकिन चंद रोज़ क़ब्ल इस जमीन पर एक कमर्शियल काम्प्लेक्स की तामीर का मंसूबा बनाया गया और इस सिलसिले में काम शुरू ही होने वाला था कि मुग़ल पूरा के कुछ नौजवान हरकत में आ गए और काम रुकवा दिया।

वाज़ेह रहे कि ये मस्जिद पहले ही तंग दामिनी का शिकवा कर रही है इस में एक सैक़ल रखने पार्किंग तक नहीं जब कि उस की खुली जमीन पर कमर्शियल काम्प्लेक्स बनाने का मंसूबा बनाया जा रहा है।

ज़राए से मालूम हुआ है कि कमर्शियल काम्प्लेक्स तामीर करने वालों को एक एम एल ए की ताईद हासिल है । अब सवाल ये पैदा होता है कि इस मौक़ूफ़ा जमीन पर तामीर के लिए आया वक़्फ़ बोर्ड की इजाज़त ली गई है या नहीं और अगर वक़्फ़ बोर्ड ने इजाज़त दी है तो जमीन पर तामीर होने वाली मलगियात का मनशाए वक़्फ़ के मुताबिक़ इस्तेमाल किया जाना चाहीए।

बाअज़ लोगों का कहना है कि मस्जिद तंग दामिनी का शिकवा कर रही है पार्किंग का इंतेज़ाम नहीं है ऐसे में इस खुली जमीन के कुछ हिस्सा को मस्जिद में शामिल किया जाना चाहीए।(नुमाइंदा खुसूसी)

TOPPOPULARRECENT