Friday , December 15 2017

महंगाई से मार्च में इफ़रात-ए-ज़र 9.9 फ़ीसद होगया

इन्हितात पज़ीर रुजहान तबदील होगया है इफ़रात-ए-ज़र गुज़िशता तीन माह में सब से ज़्यादा बुलंद सतह 9.9फ़ीसद पर माह मार्च में पहुंच गया जिस की वजह ग़िज़ाई अजनास की क़ीमतों में जैसे आलू ,प्याज़ और फलों की क़ीमत में इज़ाफ़ा है । ग़िज़ाई अशीया का इफ़रा

इन्हितात पज़ीर रुजहान तबदील होगया है इफ़रात-ए-ज़र गुज़िशता तीन माह में सब से ज़्यादा बुलंद सतह 9.9फ़ीसद पर माह मार्च में पहुंच गया जिस की वजह ग़िज़ाई अजनास की क़ीमतों में जैसे आलू ,प्याज़ और फलों की क़ीमत में इज़ाफ़ा है । ग़िज़ाई अशीया का इफ़रात-ए-ज़र ठोक फ़रोशी की क़ीमतों के अशारीया पर मबनी होता है।

माह मार्च में ये 9.9 फ़ीसद होगया था जबकि फ़रव‌री में ये 8.12 फ़ीसद था। आज हुकूमत ने जो आदाद-ओ-शुमार जारी किए हैं इस के बमूजब जनवरी में इफ़रात-ए-ज़र 5.17 फ़ीसद था। जबकि क़ब्लअज़ीं तख़मीना के बमूजब 5.05 फ़ीसद होना चाहिए था। माह मार्च में आलू की क़ीमत में 27.83 फ़ीसद प्याज़ की क़ीमत में 1.92 फ़ीसद और ज़रूरी रोज़ाना के इस्तेमाल की अशीया की क़ीमत में इज़ाफ़ा होगया था।

तरकारी की क़ीमत में 8.37 ,फलों की क़ीमत में 16.15 फ़ीसद इज़ाफ़ा हुआ। हुकूमत ने मज़ीद कहा कि इफ़रात-ए-ज़र में 2013-14 के माली साल में शरह इज़ाफ़ा गुज़िशता साल की बनिसबत 3.70 फ़ीसद ज़्यादा रही। गुज़िशता माली साल ये 5.65 फ़ीसद थी। ईंधन और तवानाई के शोबे में इफ़रात-ए-ज़र में 11.22 फ़ीसद इज़ाफ़ा हुआ।

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