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महफ़िल ख़वातीन का अदबी इजलास-ओ-मुशायरा

हैदराबाद१७ मई : ( रास्त ) : सुरय्या जबीन शरीक मोतमिद नशर-ओ-इशाअत के बमूजब महफ़िल ख़वातीन के ज़ेर-ए-एहतिमाम डाक्टर सफिया उनको लोई की शेअरी तसनीफ़ लाल बदख़शाँ की रस्म इजरा 21 मई बमुक़ाम उर्दू हाल हिमायत नगर 11 बजे डाक्टर हबीब ज़िया अंजाम

हैदराबाद१७ मई : ( रास्त ) : सुरय्या जबीन शरीक मोतमिद नशर-ओ-इशाअत के बमूजब महफ़िल ख़वातीन के ज़ेर-ए-एहतिमाम डाक्टर सफिया उनको लोई की शेअरी तसनीफ़ लाल बदख़शाँ की रस्म इजरा 21 मई बमुक़ाम उर्दू हाल हिमायत नगर 11 बजे डाक्टर हबीब ज़िया अंजाम देंगी । सदारत मुहतरमा लक्ष्मी देवी राज की होगी ।

मेहमान ख़ुसूसी बेगम सुरूर बाबू ख़ां और मुज़फ़्फ़र अलनिसा-ए-नाज़ होंगी । मेहमानों का ख़ैर मुक़द्दम मुहतरमा नसीमा तुराब उल-हसन करेंगी । मुमताज़ शायरा अज़ीज़ अलनिसा-ए-सुबह अदबी इजलास की कार्रवाई अंजाम देंगी ।

महफ़िल का आग़ाज़ डाक्टर सफिया उनको लोई की लिखी हमद से होगा । जिसे मुनव्वर अलनिसा-ए-मुनव्वर पेश करेंगी । सादिया मुश्ताक़ डाक्टर सफिया उनको लोई की शख़्सियत-ओ-शायरी के बारे में अपने तास्सुरात का इज़हार करेंगी ।

इस के बाद डाक्टर सफिया उनको लोई अपनी नज़्में सुनाईंगी । बादअज़ां मुशायरे का आग़ाज़ होगा । तसनीम जौहर मुशायरे की निज़ामत करेंगी और मुहतरमा अतीया नूर उल-हक़ शुक्रिया अदा करेंगी ।।

क़ुली क़ुतुब शाह यकता आर्टस एकेडेमी के ज़ेर-ए-एहतिमाम दो रोज़ा उर्दू फ़ैस्टीवल
हैदराबाद । १७। मई : ( प्रैस नोट ) : जनरल सैक्रेटरी क़ुली क़ुतुब शाह यकता आर्टस एकेडेमी जनाब ज़ाहिद हुसैन ज़ाहिद के बमूजब 17 मई और 18 मई को दो रोज़ा उर्दू फ़ैस्टीवल बमुक़ाम आंधरा सरस्वता परिषद हाल तिलक रोड एबिडस‌ में मनाया जा रहा है । जिस का इफ़्तिताह मेहमान ख़ुसूसी प्रोफ़ैसर एस ए शकूर डायरैक्टर सैक्रेटरी उर्दू एकेडेमी शम्मा जला कर करेंगे ।

जब कि मेहमान एज़ाज़ी की हैसियत से जनाब इसके अफ़ज़ल उद्दीन शिरकत करेंगे । 17 मई शाम 7 बजे महफ़िल ग़ज़ल में उस्मान मिर्ज़ा और यूसुफ़ उद्दीन यूसुफ़ साज़ पर ग़ज़लियात पेश करेंगे । उस्ताद सलीम ख़ां , उस्ताद ज़फ़र उल-इस्लाम , उस्ताद मुहम्मद ख़ां को एकेडेमी की जानिब से तहनियत पेश करेंगे ।

18 मई की शाम 7 बजे ड्रामा क़ुतुब आज़म , ज़ाहिद हुसैन ज़ाहिद , नूर जहां , ऐम आर कोला , नसीर मुकेश , तहरीर-ओ-हिदायत ज़ाहिद हुसैन ज़ाहिद की है । पेश करेंगे । महफ़िल ग़ज़ल में ज़हीर उद्दीन बाबर और सुलतान मिर्ज़ा साज़ पर ग़ज़लियात पेश करेंगे । दाख़िला की आम इजाज़त रहेगी ।।

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