Friday , December 15 2017

महबूबनगर में विद्या वालंटियर्स मुआवजे से महरूम

ज़िला में साकशरा भारत इस्कीम के तहत 64 मंडलों में 1332 वालंटियर्स के अलावा 2664 देही वालंटियर्स भी कारगुज़ार हैं लेकिन इंतिहाई अफ़सोस की बात हैके इन वालंटियर्स को जनवरी 2014 से मुआवज़ा से महरूम रखा गया है।

ज़िला में साकशरा भारत इस्कीम के तहत 64 मंडलों में 1332 वालंटियर्स के अलावा 2664 देही वालंटियर्स भी कारगुज़ार हैं लेकिन इंतिहाई अफ़सोस की बात हैके इन वालंटियर्स को जनवरी 2014 से मुआवज़ा से महरूम रखा गया है।

एक देही वालंटियर्स को 2000 रुपये एज़ाज़ी मुआवज़ा दिया जाता है। इस हिसाब से जुमला 4.79 करोड़ रुपये वालंटियर्स को दिया जाता है।

अलावा अज़ीं आमद-ओ-रफ़त के अख़राजात को पिछ्ले 2 बरसों से वाजिब अलादा हैं। इस से साफ़ ज़ाहिर हैके मर्कज़ी हुकूमत इस्कीम का बड़ा ढंडोरा पीटती है कि इस के तहत देहात के अवाम को सिर्फ़ शनासी कराई जाती है।

बोज्ह राजू डिप्टी डायरेक्टर आडुल्ट् एजूकेशन ने सियासत न्यूज़ को बताया कि ये सच्च हैके वालंटियर्स को बक़ायाजात अदा शदणी हैं। इस ताल्लुक़ से तजावुज़ हुकूमत को रवाना करदी गई हैं और अनक़रीब ये रक़ूमात अदा करदी जाएगी।

वालंटियर्स उम्मीद लगाए बैठे थे कि दशहरा तहवार तक ये रक़ूमात वसूल होंगी तो तहवार बड़ी ख़ुशी से मनाया जाएगा लेकिन अना की उम्मीदों पर पानी फिर गया और उनके चेहरों पर मायूसी अयाँ है।

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