महागठबंधन को मज़बूत बनाने की कवायद, पटना में CPI की महारैली, कांग्रेस, RJD सहित दस सियासी पार्टीयां शामिल

महागठबंधन को मज़बूत बनाने की कवायद, पटना में CPI की महारैली, कांग्रेस, RJD सहित दस सियासी पार्टीयां शामिल
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बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में आज सीपीआई की रैली होने जा रही है। रैली के बहाने महागठबंधन को एक करने की कोशिश की जाएगी। इस रैली में 10 दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

रैली में भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी, सीताराम येचुरी, माले के दीपांकर भट्टाचार्य, लोजद के शरद यादव, कांग्रेस के गुलाम नबीआजाद, कांग्रेस से अखिलेश सिंह, हम से जीतन राम मांझी, आरजेडी से तेजस्वी यादव, तारिक अनवर, डी राजा, अतुल अंजान, कन्हैया, जिग्नेश मेवानी शामिल होंगे।

12 बजे से शुरु होने वाली रैली में सीपीआई ने दो लाख लोगों के जुटने का दावा किया है। सीपीआई नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार महंगाई और भ्रष्टाचार समेत हर मोर्चे पर फेल है. इसके खिलाफ गांधी मैदान की रैली ऐतिहासिक होगी।

रैली को लेकर सीपीआई के नेताओं का दावा है कि राजधानी पटना लाल झंडों से पट जाएगा और पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, छात्र, नौजवान बड़ी तादाद में रैली की तैयारी को लेकर जुटे हुए हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह का दावा है कि इस रैली में सम्पूर्ण वाम दल समेत सभी सेक्यूलर दलों की एकजुटता दिखेगी।

लेफ्ट की इस रैली को लेकर बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री और बीजेपी नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि किसी को बयान देने से और कहने से बीजेपी भागने वाली नहीं है।

सवा सौ करोड़ देशवासियों की सेवा करने का पार्टी ने संकल्प लिया है और बीजेपी देश में काम करके दिखा रही है। उन्होंने कहा कि जनता हमारे साथ है जब भी चुनाव होगा एनडीए जीतेगी। इनके नारे और रैलियों से कुछ भी होने वाला नहीं है।

सीपीआई के रैली पर जेडीयू ने भी तंज कसा है। जेडीयू प्रवक्ता डॉ सुनील का कहना है कि लोकतंत्र में सभी पार्टियों को रैली करने का अधिकार है। ऐसे में नकारात्मक राजनीति का परिचय देते हुए कि ‘भाजपा भगाओ’ कहना यह ठीक नहीं है।

नकारात्मक राजनीति कर कम्यूनिस्ट पार्टी के लोग अपनी मानसिकता का परिचय देते हैं। आज के समय में कम्यूनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया से जा चुकी है।

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