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महाराजगंज रिजल्ट पर जदयू में घमासान

पटना 8 जून : महाराजगंज लोकसभा ज़िमनी इन्तेखाबात में मिली शिकस्त के बाद जदयू में घमासान है। वोटिंग के दिन तक बढ़-चढ़ कर बोलनेवाले जदयू कायदीनों ने ख़ामोशी इख़्तियार कर रखी है। रिकॉर्ड वोटों से जीत का दावा करनेवाले जदयू के आला रहनुम

पटना 8 जून : महाराजगंज लोकसभा ज़िमनी इन्तेखाबात में मिली शिकस्त के बाद जदयू में घमासान है। वोटिंग के दिन तक बढ़-चढ़ कर बोलनेवाले जदयू कायदीनों ने ख़ामोशी इख़्तियार कर रखी है। रिकॉर्ड वोटों से जीत का दावा करनेवाले जदयू के आला रहनुमा अब हार का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ रहे हैं। लीडर भीतरघात की बात भी कर रहे हैं।

सलीम का घर था आरजी ठिकाना

शुबे के सदर वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि जदयू हार के वजूहात का जायजा करेगा। अभी मुकामी सतह पर रिपोर्ट मांगी गयी है। रिपोर्ट आने पर तफसील से जायजा होगी। इसी कड़ी में छपरा के पार्टी लीडर और असेंबली कोंसिल के उपसभापति सलीम परवेज ने जुमा को खुल कर कहा कि इलेक्शन हारने के पीछे जदयू कायदिनों की भीतरघात ही अहम वजह है। जब कभी हार का जायजा होगी, वह पूरे हकीक़त वज़ीरे आला नीतीश कुमार के सामने रख देंगे।

यह पूछे जाने पर कि इंतेखाब रिजल्ट सामने आने के बाद इस मसले पर वज़ीरे आला से उनकी बात हुई है, उन्होंने कहा. जदयू उम्मीदवार पीके शाही ने छपरा में सलीम परवेज के रिहायिसगाह को ही अपना आरज़ी रिहायिसगाह बनाया था। जुमेरात को नव मुन्तखिब राजद एमपी प्रभुनाथ सिंह ने सलीम परवेज को अपना सियासी शागिर्द बताया था। प्रभुनाथ सिंह के इस बयान से जदयू के भीतर खलबली मच गयी है। वहीं, सलीम परवेज ने राजद एमपी के बयान को सिरे से खारिज कर दिया है।

सलीम परवेज ने कहा कि मैं कभी प्रभुनाथ सिंह का शागिर्द नहीं रहा। मुसलमान होने के नाते हमने अपने लीडर नीतीश कुमार का साथ दिया। जिस दिन से प्रभुनाथ सिंह जदयू से अलग हुए, उनसे कोई बात नहीं हुई। जहां तक महाराजगंज ज़िमनी इन्तेखाबात में जदयू को कई वोटिंग सेंटर पर पोलिंग एजेंट नहीं मिलने की बात है, तो इसके पीछे खास वजह प्रभुनाथ सिंह का दहसत है। महाराजगंज में पार्टी की हार का वजह भीतरघात को जदयू के दूसरे लीडर भी क़बुल कर रहे हैं।

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