Saturday , December 16 2017

महाराष्ट्रा में जायदादों के रजिस्ट्रेशन में गिरावट

मुंबई: केंद्र सरकार की ओर से नोटों की समाप्ति के बाद महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी की वसूली 37 प्रतिशत तक घट गई है। इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन एंड कंट्रोलर ऑफ स्टांप श्री एन रामास्वामी ने कहा कि केंद्र ने 10 दिन पहले 500 और 1000 रुपये के नोटों को रद्द करने का ऐलान किया था जिसके बाद राज्य भर में स्टांप ड्यूटी की उसूली में 37 प्रतिशत तक गिरावट आई है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को दैनिक संपत्तियों के पंजीकरण और स्टांप ड्यूटी के जरिए औसतन 65 करोड़ रुपये की आय हुई थी जो अब घटकर 42 करोड़ तक पहुंच गई है। हालांकि संपत्तियों की मझमलतों के लिए भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के रूप में अमल में आ रही है। उन्होंने बताया कि राज्य भर में प्रतिदिन 7,300 दस्तावेजों से निपटा जाना था लेकिन यह 4,000 तक घट गए हैं।

जबकि आईजी ओ कार्यालय में सभी प्रकार की संपत्तियों के मझमलत सहित ज़मीनात खरीदने और बेचने किराया और पट्टा (पट्टे) के ठेके का पंजीकरण किया जाता है। पंजीकरण कार्यालय से वित्तीय वर्ष 2015-16 में राज्य सरकार के खजाने में 21.767 करोड़ रुपये जमा करवाए थे।

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