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महिलाओं को ख़ास ध्यान दे रहे बीजेपी पर विपक्ष के लिए महिला आरक्षण बिल बना दमदार मुद्दा

नई दिल्ली : 2019 के चुनावों को लेकर बीजेपी तैयारी शुरू कर दी है. महिलाओं के तबके को लेकर बीजेपी और प्रधानमंत्री ख़ास ध्यान दे रहे हैं. उज्ज्वला स्कीम और तीन तलाक़ पर बीजेपी ने महिलाओं को साधने की कोशिश की है.

ये चर्चा रही है कि शायद चुनाव से पहले एनडीए सरकार महिला आरक्षण बिल लेकर आए और खटाई में पड़े इस विधेयक को पास कराने की कोशिश करें. हालांकि बीजेपी के लिए ये मुश्किल नहीं है क्योंकि उसके पास लोकसभा में बहुमत है.

शायद इसे भांपते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ये मुद्दा उठा दिया है कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्टी लिखी है. इससे एक बार देश में महिला आरक्षण बिल को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. महिला आरक्षण बिल 2010 में राज्यसभा से पास होने के बाद भी लोकसभा में पेश नहीं हो सका है. इसी वजह से अभी तक ये बिल अधर में लटका हुआ है. सोनिया गांधी की चिट्टी के बाद माना जा रहा है कि मोदी सरकार इसी शीतकालीन सत्र में महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में ला सकती है.  संसद के उच्च सदन राज्यसभा में इसे पास कराने में कांग्रेस सोनिया गांधी की अहम भूमिका थी.

ये भी सच है कि 2010 में राज्यसभा में पारित होने पर लोकसभा में अगर बीजेपी इस बिल को लेकर कांग्रेस का समर्थन कर देती तो ये क़ानून बन चुका होता. ऐसे में राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल यूनाइटेड और समाजवादी पार्टियों के समर्थन की ज़रूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा अन्य छोटी क्षेत्रीय पार्टियां आज भी महिला आरक्षण के पक्ष हैं.

 

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