महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश किया जाना चाहिए : नीतीश कुमार

महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश किया जाना चाहिए : नीतीश कुमार
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Pic: Indian Express

पटना. सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश किया जाना चाहिए। जदयू अपनी सीमित ताकत में भी op इसका समर्थन करेगा। कि जिस समय शरद यादव जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, उस समय भी राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक का हमारी पार्टी ने समर्थन किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को यह भ्रम रहता है कि महिला आरक्षण बिल में पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान नहीं होने पर वंचित तबके के साथ भेदभाव होगा। बिहार में हमारी सरकार ने वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं में और वर्ष 2007 में नगर निकायों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया था। इससे सभी वर्ग की महिलाओं को लाभ मिल रहा है। पिछड़ी जाति की महिलाओं को भी इसका लाभ मिल रहा है। यह नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने ‘गोरक्षकों’ के मुद्दे पर भी बात की, उन्होंने कहा, मेरी प्रधानमंत्री से बात हुई है। वे सहमत हैं कि ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मैंने डीजीपी व गृह विभाग के प्रधान सचिव को भी ऐसे तत्वों पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370, समान आचार संहिता और अयोध्या विवाद पर मैं अपने पुराने रुख पर कायम हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा गुजरात का चुनाव बड़े आराम से जीत जाएगी। देश के प्रधानमंत्री जिस राज्य से आते हैं, क्या वहां के लोग चाहेंगे कि कोई दूसरा जीते। लोगों की भावनाओं को समझिए। गुजरात चुनाव में भाजपा के लिए कोई खतरा नहीं है, भाजपा को सफलता मिलेगी, ऐसी मेरी अपनी समझ है।

सीएम ने कहा कि देश में लोकसभा व विधानसभा से लेकर पंचायत तक के चुनाव एक साथ होने चाहिए। हालांकि यह अभी संभव नहीं है। संविधान में बदलाव करना होगा। मैं इससे सहमत हूं। 1967 तक तो दोनों चुनाव साथ होते ही थे। 1967 के बाद मध्यावधि चुनावों से स्थिति बदली। 5 वर्ष के लिए एक साथ चुनाव हो तो बहुत अच्छा रहेगा।

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