मां बाप की खिदमत

मां बाप की खिदमत
हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०)ने तीन मर्तबा फ़रमाया, नाक ख़ाक आलूद हो उसकी, जिसने बूढ़े माँ बाप पाए और फिर जन्नत हासिल करने में कोताही की।( बुखारी व मुस्लिम)

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०)ने तीन मर्तबा फ़रमाया, नाक ख़ाक आलूद हो उसकी, जिसने बूढ़े माँ बाप पाए और फिर जन्नत हासिल करने में कोताही की।( बुखारी व मुस्लिम)

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