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माइग्रेन से बचाव में मददगार है अदरक का सेवन

तर्ज़ ए ज़िंदगी में बदलाव के सबब लोगों में माइग्रेन की परेशानी बढ़ रही है। माइग्रेन एक दिमागी खराबी की शिकायत है, जिसमें मरीज़ के सिर में खतरनाक दर्द होता है। मर्दों के मुकाबले ख्वातीन माइग्रेन से ज्‍यादा परेशान होती हैं। यह दर्द कई

तर्ज़ ए ज़िंदगी में बदलाव के सबब लोगों में माइग्रेन की परेशानी बढ़ रही है। माइग्रेन एक दिमागी खराबी की शिकायत है, जिसमें मरीज़ के सिर में खतरनाक दर्द होता है। मर्दों के मुकाबले ख्वातीन माइग्रेन से ज्‍यादा परेशान होती हैं। यह दर्द कई बार अचानक शुरू हो जाता है और फिर ठीक भी हो जाता है।

माइग्रेन उम्र के किसी भी पड़ाव में हो सकता है। इसमें होने वाले तेज दर्द का कोई वक्त तय नहीं होता, सुबह और शाम के वक्त यह ज्‍यादा महसूस होता है। अमेरिका में होने वाली यह आम परेशानी है। इसका असर आंखों की रोशनी पर भी पड़ता है। ख्वातीन में यह मसला माहवारी के समय ज्‍यादा होती है। हालांकि इसके इलावा माइग्रेन अल्‍कोहल के सेवन, मौसम में बदलाव, तनाव, गज़ा में बदलाव और कम सोने की वजह भी हो सकता है। इस मज़मून के जरिए हम आपको बताते हैं माइग्रेन से बचाव के कुछ अचूक उपाय।

माहिरीन के मुताबिक डिहाइड्रेशन भी माइग्रेन का सबब है । इसलिए माइग्रेन की प्रेशानी में आपको ज्‍यादा से ज्‍यादा पानी पीना चाहिए। साथ ही ठंडे पानी की पट्टी सिर पर रखने से भी राहत मिलती है। ऐसा करने से धमनियां फैलकर अपनी पहले के हालात में आ जाती हैं।

सिर पर हैडबैंड लगाने से भी माइग्रेन से होने वाले दर्द में आराम मिलता है। दर्द से राहत के लिए हैडबैंड का इस्तेमाल लोग पहले ज्‍यादा करते थे, लेकिन अब इसका चलन कम हो गया है।

दर्द होने पर मछली के तेल की सिर में मालिश करने से काफी आराम मिलता है। मालिश करने से सिकुड़ी हुई धमनियां फैल जाती हैं। मछली का सेवन भी माइग्रेन को कम करता है। इसमें पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड दर्द से राहत देता है।

भूखे रहने पर भी यह दर्द बढ़ सकता है। इसलिए ज्‍यादा देर तक भूखे न रहें, थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाते रहें। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन फायदेमंद रहता है। गाजर और खीरा भी फायदेमंद है। मैग्निशियम से भरपूर गज़ा माइग्रेन में फायदेमंद होता है।

ध्‍यान रखें कि आपके काम करने वाली जगह पर तेज रोशनी, तेज धूप या तेज बू न हो। इन सभी चीजों से भी माइग्रेन के मरीज़ को परेशानी होती है। सोते वक्त अंधेरे कमरे में सोने की कोशिश करें। साथ ही कोशिश करें कि घर से बाहर निकलने पर छाता लें और सूरज की सीधी रोशनी से बचें।

माइग्रेन के मरीज़ को जंक फूड और डिब्‍बा बंद गज़ा से परहेज करना चाहिए। पनीर, चॉकलेट, चीज, नूडल्स और केले में ऐसे Chemical elements पाए जाते हैं जो माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं।

माइग्रेन की परेशानी होने पर सिर के दर्द वाले हिस्‍से में पिपरमेंट ऑयल की मालिश करने से राहत मिलती है। अदीब में भी पिपरमेंट के तेल से होने वाले फायदों का जिक्र किया गया है।

आयुर्वेद के मुताबिक अदरक सिर दर्द में राहत पहुंचाता है। अगर आपको अदरक खाने में परेशानी होती है, तो आप अदरक के कैप्‍सूल का भी सेवन कर सकते हैं। अदरक या इसके कैप्‍सूल के सेवन से मतली से छुटकारा मिलता है।

माइग्रेन में आराम करना चाहिए और ज्‍यादा नींद लेने की कोशिश करें। नींद लेने से माइग्रेन के मरीज़ को राहत मिलती है। गहरी नींद लेने के लिए आप शोर वाले माहौल से दूर रहने के साथ ही अंधेरे कमरे में सोने की कोशिश करें।

ज़्यादातर मरीज़ो में कसरत फायदेमंद होता है। माइग्रेन की परेशानी की वजह तनाव भी होता है।बकायदगी वर्जिस , योग और मेडिटेशन करने से दिमाग तनाव मुक्‍त रहता है और आप माइग्रेन का शिकार होने से भी बचे रहते हैं।

वक्त पर माइग्रेन का इलाज़ न करना परेशानी का सबब बन सकता है। ऐसी परेशानी होने पर आपको खाने पीने का ध्‍यान रखने के साथ ही मामूल में भी सुधार करना होता है।

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