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‘माई नेम इज़ जमील ख़ान इसी लिए मै बेरोज़गार हूँ’

हैदराबाद12 फ़बरोरी: बाली वुड के मुमताज़ हिदायतकार करण जौहर की हिदायत में साल 2010 के दौरान शाहरुख ने फ़िल्म माई नेम इज़ ख़ान बनाई थी । इस फ़िल्म में शाहरुख ख़ान ने एक डायलॉग अदा किया था जो इसी तरह था । माई नेम इज़ ख़ान बट आई एम नाट ए टेररिस्ट ( मे

हैदराबाद12 फ़बरोरी: बाली वुड के मुमताज़ हिदायतकार करण जौहर की हिदायत में साल 2010 के दौरान शाहरुख ने फ़िल्म माई नेम इज़ ख़ान बनाई थी । इस फ़िल्म में शाहरुख ख़ान ने एक डायलॉग अदा किया था जो इसी तरह था । माई नेम इज़ ख़ान बट आई एम नाट ए टेररिस्ट ( मेरा नाम ख़ान है और मै दहश्तगर्द नहीं हूँ ) उसी अंदाज़ में आज आदिलबाद मंदा मेरी के मुतवत्तिन 37 साला मार्शल आर्ट किक याकिंग के चैंपियन जमील ख़ान पठान कररहे हैं लेकिन उन के और शाहरुख ख़ान के अलफ़ाज़ में बहुत फ़र्क़ है ।

जमील ख़ान कहते हैं माई नेम इज़ ख़ान बट आई एम जॉबलेस ( मेरा नाम ख़ान है और मै बेरोज़गार हूँ ) । ताहम मार्शल आर्ट के चैंपियन जमील ख़ान को देख कर दुनिया कह रही है कि इन का नाम ख़ान है इस लिए वो रोज़गार से महरूम हैं वर्ना क़ौमी-ओ-बैन-उल-अक़वामी सतह पर अपने मुल्क को सौ से ज़ाइद मैडलस और इनामात दिलाने वाले जमील ख़ान पठान किसी ऊंचे ओहदे पर फ़ाइज़ होचुके होते ।

शक्ल-ओ-सूरत और अंदाज़ बयान से इंतिहाई संजीदा दिखाई देने वाले जमील ख़ान तक़रीबन 12 बरसों से सरकारी मुलाज़मत के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं । चीफ़ मिनिस्टर्स वुज़रा अरकान-ए-पार्लीमैंट अरकान असम्बली और हुक्मराँ कांग्रेस और दीगर जमा उतुव्व से ताल्लुक़ रखने वाले बाअसर मुस्लिम क़ाइदीन से उन्हों ने मुतअद्दिद मर्तबा नुमाइंदगी की लेकिन हमेशा उन के हिस्सा में मायूसी और नामुरादी आई ।

इस के बावजूद जमील ख़ान ने हौसला नहीं हारा । 15 जून 1975‍ को अमीर ख़ान मेवाफ़रोश के घर पैदा हुए जमील ख़ान ने जहां मार्शल आर्ट में महारत हासिल की वहीं ना मुसाइद हालात के बावजूद बी ए की तकमील की । 1989 में अपने कैरीयर का आग़ाज़ किया और देखते ही देखते क़ौमी-ओ-बैन-उल-अक़वामी मुक़ाबलों में शानदार मुज़ाहरा किया । क़ौमी सतह पर उन्हों ने 25 गोल्ड मिडल्स 2 सिलवर मिडल्स हासिल किए ।

साल 2000 में उन के ग़ैरमामूली मुज़ाहरा को देखते हुए यूनेस्को मिलेनियम बेस्ट कराटे रत्ना एवार्ड से नवाज़ा गया । इस मौके पर उन को तौसीफ नामा भी पेश किया गया । इस के अलावा वो राष्ट्रीय विकास शिरोमणि एवार्ड 2003 तेलुगु एकेडेमी एवार्ड रोटरी कलब आफ़ हैदराबाद नॉर्थ इंटरनैशनल एक्सीलंट एवार्ड 2007 अता किया गया ।

उन्हों ने अमरीका बैंकाक बंगला देश श्रीलंका मलेशिया में मुनाक़िदा मार्शल आर्ट मुक़ाबलों में हिन्दुस्तान की नुमाइंदगी करते हुए गोल्ड सिलवर और ब्रांडमिडल्स हासिल किए । 2004 के दौरान मलेशिया में पहली वर्ल्ड कराटेचैंपियन शिप मुनाक़िद हुई थी इस चैंपियन शिप में जमील ख़ान को चौथा मुक़ाम हासिल हुआ ।

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