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मानसून बारिश औसत से कम होने का इमकान

हिंदुस्तान में साल 2014 में मानसून बारिश औसत से कम होने का इमकान है। आई एम डी की तरफ से यहां जारी मौसमी पेश क़ियासी में ये बात बताई गई है।

हिंदुस्तान में साल 2014 में मानसून बारिश औसत से कम होने का इमकान है। आई एम डी की तरफ से यहां जारी मौसमी पेश क़ियासी में ये बात बताई गई है।

महकमा-ए-मौसीमीयत के मुताबिक़ मानसून सीज़न की बारिश तवील मुद्दती औसत के 95 फ़ीसद होने का इमकान है। 96 ता 104 फ़ीसद बारिश मामूल के मुताबिक़ होती और 90 ता 96 फ़ीसद बारिश मामूल से कम होती है।

इस तरह 95 फ़ीसद की पेश क़ियासी मामूल से कम है। एम डी के रीजनल क्लाइमेट सेंटर ने जिस जुनूबी एशिया के लिए मौसमी पेश क़ियासी की है , कहा कि हिंदुस्तान के ज़्यादा तर इलाक़ों में इस साल मामूल से कम बारिश होगी जिस के लिए तैयार रहना होगा।

हिंदुस्तान की मईशत का इन्हिसार मानसून पर होता है क्युंकि हिंदुस्तानी अवाम की अक्सरीयत ज़राअत से जुड़े हुए हैं और इन में ज़्यादा तर लोगों को आबपाशी की सहूलत दस्तयाब नहीं है इस लिए उन्हें बारिश के पानी पर इन्हिसार करना होता है।

साल 2009 में हिंदुस्तान को बारिश में कमी के बाइस ख़ुशकसाली की सूरत हाल का सामना करना पड़ा था और इस से पहले 2004 और 2002 में भी इसी तरह की सूरते हाल थी। ताहम मौसमियात के साईंसदान नरसिम्हा राव‌ ने इस एतेमाद का इज़हार किया कि जुनूब मग़रिबी मानसून बारिश मामूल के क़रीब होगी।

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