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मानसून सत्र में गौरक्षकों द्वारा हिंसा की घटना पर विपक्ष से घिर सकती है मोदी सरकार

नई दिल्ली। मानसून सत्र के लिए काउंटडाउन शुरु हो चुका है। सोमवार को केंद्र सरकार एक बार फिर विपक्ष को इस चर्चा में शामिल करेगी जिसमें राजनीतिक दंगों से लेकर भारत का अगला राष्ट्रपति कौन होगा पर बात होगी। हांलाकि सरकार GST के सफल होने के बाद उत्साह से भरी नजर आ रही है लेकिन बढ़ते आतंकी हमलों और गौरक्षको की हिंसा पर सरकार घिर सकती है।

17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होनी है जिसका परिणाम 20 जुलाई को आयेगा। NDA ने रामनाथ कोविंद और विपक्ष ने मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाया है। जहां रामनाथ कोविंद,मीरा कुमार से मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं।

जबकि उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष ने पहले ही गोपाल कृष्ण गांधी का नाम घोषित कर दिया है। वहीं अब तक NDA ने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

विपक्ष राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव को विचारधारा की लड़ाई बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं NDA के एक नेता ने कहा कि विपक्ष बड़ी मुश्किल में है क्योंकि दोनों ही चुनावों में NDA स्पष्ट बहुमत हासिल कर सकता है।

संसद का मानसून सत्र विपक्ष की एकता के लिए परीक्षा होगी क्योंकि राष्ट्रपति पद के लिए बिहार के मुख्यमंत्री NDA के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस के नेतृत्व में क्या विपक्षी पार्टियां एकजुट हो पाएंगी।

वहीं कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह लड़ाई हार और जीत की नहीं है। यह विचारधारा की लड़ाई है। हमें उम्मीद है कि हमारे कैंडिडेट को महत्वपूर्ण वर्गो से समर्थन मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी विपक्षी पार्टियां मानसून सत्र में एक साथ आएंगी। जबकि NDA के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम विपक्ष को एजेंडा हाईजेक नहीं करने देंगे। एनडीए GST,पीएम मोदी की इजरायल यात्रा और G20 पर बात करने की योजना बना रही है।

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