मायावती से एफडी आई मसले पर सौदे की तरदीद

मायावती से एफडी आई मसले पर सौदे की तरदीद
नई दिल्ली, 07 दिसंबर: (पीटीआई) हुकूमत ने आज कहा कि बहुजन समाज पार्टी की रीटेल शोबा में एफडी आई के मसले पर ऐवान पार्लीमेंट में ताईद के हुसूल में कोई सौदा शामिल नहीं है । मर्कज़ी वज़ीर बराए पारलीमानी उमूर कमल नाथ ने एजंडा आज तक प्रोग्राम

नई दिल्ली, 07 दिसंबर: (पीटीआई) हुकूमत ने आज कहा कि बहुजन समाज पार्टी की रीटेल शोबा में एफडी आई के मसले पर ऐवान पार्लीमेंट में ताईद के हुसूल में कोई सौदा शामिल नहीं है । मर्कज़ी वज़ीर बराए पारलीमानी उमूर कमल नाथ ने एजंडा आज तक प्रोग्राम में जो टी वी टूडे चैनल के ज़ेर-ए-एहतिमाम मुनाक़िद किया जाता है इस सवाल पर कि उन्होंने एफडी आई मसला पर मायावती को ताईद करने की तरग़ीब कैसे दी, जवाब देते हुए कहा कि इसके लिए सयासी टेक्निक इस्तेमाल नहीं की गई थी ।

उन्हें सिर्फ़ समझाने की ज़रूरत थी । हम ने यही किया और वो समझ गए । उन्होंने मज़ीद कहा कि एफडी आई के मसले पर मुबाहिस हनूज़ जारी हैं । हम ने फ़ैसला किया है कि रियास्ती हुकूमतों पर ये क़ानून मुसल्लत नहीं किया जाएगा । इसके बारे में फ़ैसला रियास्ती असेंबली करेंगी लोक सभा या राज्य सभा नहीं।

उन्होंने कहा कि ज़रई शोबा को बड़ा चैलेंज दरपेश है । तमाम कर्ज़ों की अदायगी के बाद एक काश्तकार सिर्फ़ 20 हज़ार रुपये कमाता है । जब तक वो मज़ीद बर्क़ी तवानाई नहीं ख़रीदेगा इसका मसला हल नहीं हो सकता । उन्होंने कहा कि फल सड़ रहे हैं । क्योंकि कोल्ड स्टोरेज और तेज़ रफ़्तार ट्रांसपोर्ट सहूलत दस्तयाब नहीं है ।

उन्होंने कहा कि एफडी आई से ये तमाम मसाइल हल किए जा सकते हैं । जी डी पी का ताल्लुक़ आम आदमी की क़ुव्वत ख़रीद से होता है । आबादी की अक्सरीयत को जी डी पी की फ़िक्र नहीं होती लेकिन उन्हें क़ुव्वत ख़रीद में इज़ाफ़ा की फ़िक्र होती है । ये क़ुव्वत जी डी पी के फ़रोख़्त के नतीजे में ही इज़ाफ़ा हो सकता है ।

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