Friday , April 27 2018

मालदीव में आपातकाल, पूर्व राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस गिरफ्तार

मालदीव में कोहराम मचा हुआ है. मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने 15 दिन के आपालकाल की घोषणा कर दी है. यही नहीं आपातकाल की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही देश की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अब्दुल्ला सईद, जज अली हमीद और पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम को गिरफ्तार कर लिया गया है. पूर्व राष्ट्रपति गयूम और उनके दामाद को घर का दरवाजा तोड़कर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पूर्व विदेश मंत्री और संसद के पूर्व स्पीकर ने ट्विटर पर गिरफ्तारी की जानकारी दी. साथ ही मालदीव के राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इसकी जानकारी दी गई है. इन गिरफ्तारियों के साथ मालदीव में सियासी संकट और गहरा गया है.

अभी हाल ही में मालदीव की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद समेत 9 लोगों के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था. साथ ही इन राजनेताओं की रिहाई के आदेश भी दिए थे. लेकिन राष्ट्रपति यामीन ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने आपातकाल घोषित कर दिया. पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम केगिरफ्तारी के बाद सड़क पर उतरे लोग.

बता दें कि मालदीव में 2008 में लोकतंत्र बहाल हुआ था. इससे पहले अब्दुल गयूम 30 साल तक मालदीव के प्रेसिडेंट रहे. वहीं 2008 में देश में लोकतंत्र की स्थापना होने के बाद चुनाव हुआ. लोकतांत्रिक रूप से चुनाव होने के बाद मोहम्मद नशीद मालदीव के पहले चुने हुए राष्ट्रपति बने थे. लेकिन साल 2012 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. जिसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बंदूक की नोक पर इस्तीफा देने को कहा गया था.

साल 2013 में चुनाव हुए. अब्दुल्ला यमीन ने चुनाव में नाशीद को हरा दिया, और मालदीव के सत्ता पर काबिज हो गए. यमीन के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाए गए. 2015 में मोहम्मद नशीद को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत सत्ता से बेदखल कर दिया गया. नाशीद को 13 साल जेल की सजा हुई थी.लेकिन नाशीद को साल 2016 में इलाज के लिए इंग्लैंड जाने की इजाजत मिल गई और उसके बाद से निर्वासन में ही रहे और फिलहाल श्रीलंका में रह रहे हैं. लेकिन भारत समेत कई देशों ने नशीद के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध भी किया था.

मालदीव के आपातकाल को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों से अगली सूचना तक मालदीव की सभी गैर जरूरी यात्रा टालने को कहा है. साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने मालदीव में रह रहे भारतीय को भी सुरक्षा के बारे में चौकस रहने और सार्वजनिक स्थानों पर जाने और जमा होने से बचने को कहा है.

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