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मालद्वीप में फ़ौज और पुलिस मुतसादिम सदर मुहम्मद नशीद मुस्ताफ़ी

माले ०८ फरवरी (पी टी आई / ए पी) मालद्विप के पहले जमहूरी तौर पर मुंख़बा सदर मुहम्मद नशीद ने आज इस्तीफ़ा दे दिया और नायब सदर मुहम्मद वहीद हसन को नया सदर मुंतख़ब कर लिया गया है जबकि एक सरकरदा जज की गिरफ़्तारी के मसला पर एहतिजाज शिद्दत इख़त

माले ०८ फरवरी (पी टी आई / ए पी) मालद्विप के पहले जमहूरी तौर पर मुंख़बा सदर मुहम्मद नशीद ने आज इस्तीफ़ा दे दिया और नायब सदर मुहम्मद वहीद हसन को नया सदर मुंतख़ब कर लिया गया है जबकि एक सरकरदा जज की गिरफ़्तारी के मसला पर एहतिजाज शिद्दत इख़तेयार कर गया और पुलिस-ओ-फ़ौज सड़कों पर मुतसादिम हो गए ।

मुहम्मद वहीद हसन ने जज की रिहाई के फ़ौरी बाद नए सदर की हैसियत से ओहदा-ओ-राज़दारी का हलफ़ लिया । मुहम्मद नशीद ने क़ौम से ख़िताब करते हुए अपने इस्तीफ़ा का ऐलान किया और कहा कि वो किसी शहरी के जज़बात मजरूह करना नहीं चाहते इसी लिए अपना ओहदा छोड़ रहे हैं ।

क्योंकि यही एक बेहतर रास्ता रह गया है । मालदीप के अवाम ने सड़कों पर जश्न मनाते हुए नशीद के अस्तीफ़ा का ख़ौरमक़दम किया । बहर-ए-हिंद में वाक़्य इस ख़ूबसूरत जज़ीरा में गुज़श्ता कई हफ़्तों से जारी अवामी एहतिजाज के बाद वो मुस्ताफ़ी हुए हैं ये जज़ीरा सयासी बोहरान से कहीं ज़्यादा अपने पुरकशिश क़ुदरती मुनाज़िर और पर ताय्युश तफ़रीह गाहों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। जिस को सय्याहों की जन्नत भी कहा जाता है।

ये इस्तीफ़ा मुहम्मद नशीद के कामयाब सयासी कैरीयर के अचानक और चौंका देने वाला अंजाम साबित हुआ। मुहम्मद नशीद माज़ी में इंसानी हुक़ूक़ कारकुन थे और अपने मलिक के पहले हमा जमाती आम इंतिख़ाबात में तवील अर्सा तक इक़तिदार पर फ़ाइज़ रहने वाले सदर मामून अबदुलक़य्यूम को शिकस्त दी थी।

इलावा अज़ीं वो तहफ़्फ़ुज़ माहौलियात के एक अहम मुहिम जो मैँ जिन्होंने सारी दुनिया का सफ़र करते हुए मुख़्तलिफ़ ममालिक की हुकूमतों को माहौलियाती तबदीली पर क़ाबू पाने और समुंद्र की सतह में इज़ाफ़ा को रोकने की तरग़ीब दी थी क्योंकि समुंद्र की सतह में इज़ाफ़ा से उन के जज़ीरानुमा मुल्क के वजूद को ख़तरा लाहक़ हो रहा है। मुहम्मद नशीद एक फ़ौजदारी अदालत के चीफ़ जज अबदुल्लाह मुहम्मद की गिरफ़्तारी के लिए फ़ौज को हुक्म देने के बाद अवामी मक़बूलियत से महरूम हो गए थे। जज अबदुल्लाह मुहम्मद को इस वक़्त गिरफ़्तार किया गया था जब उन्हों ने हुकूमत के एक मुहालिफ़ को रिहा करने का हुक्म दिया था।

जिस के बाद से मुहम्मद नशीद के ख़िलाफ़ अवामी एहतिजाज शुरू कर दिया गया था। लेकिन हुकूमत ने इस जज पर सयासी जांबदारी और रिश्वत सतानी में मुलव्वस होने का इल्ज़ाम आइद किया था। हुकूमत मालद्वीप ने कहा था कि मलिक का अदालती निज़ाम नाकाम होचुका है और बोहरान की यकसूई के लिए अक़्वाम महिदा से मदद की दरख़ास्त की गई थी।

ख़ूबसूरत जज़ीरा मालदीप की ज़्यादा तीन लाख नफ़ूस पर मुश्तमिल है। जहां 30 साल तक मामूं अबदुलक़य्यूम की हुक्मरानी थी जिन्हें 2008-ए-में मुहम्मद नशीद ने इंतिख़ाबात में शिकस्त देते हुए इक़तिदार से बेदख़ल किया था। क़ब्लअज़ीं सरकारी ज़राए ने मुहम्मद नशीद की सुबकदोशी को फ़ौजी बग़ावत क़रार दिया था ।

और इस के लिए साबिक़ सदर मॉसून अबदुल्लाह उल-क़य्यूम को मौरिद इल्ज़ाम टहराया था। फ़ौज ने कहा है कि सदर के ख़िलाफ़ कोई फ़ौजी बग़ावत नहीं की गई अलबत्ता इन्हें मुस्ताफ़ी होने का मश्वरा दिया गया था।

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