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मालेगांव ब्लास्ट: सरकारी वकील के बोल, हुकूमत केस से हटने का दबाव बना रही है

अहमदाबाद: मुंबई साल 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में Special Public Prosecutor रोहिणी सालियान ने एक सनसनीखेज इल्ज़ाम लगाया है।

अहमदाबाद: मुंबई साल 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में Special Public Prosecutor रोहिणी सालियान ने एक सनसनीखेज इल्ज़ाम लगाया है।
रोहिणी सलियान ने कहा है कि गुजश्ता एक साल से नई हुकूमत के इक्तेदार में आने के बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी उन पर इस मामले में नरमी बरतने का दबाव बना रही है। गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 में रमजान के दौरान हुए इन धमाकों में चार मुसलमानों की मौत हो गई थी, जबकि 79 लोग ज़ख्मी हो गए थे। इस मामले में कुछ हिंदू कट्टरपंथी अनासिर को मुल्ज़िम बनाया गया है।

इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से चार को बेल मिल चुकी है। एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में रोहिणी ने कहा कि एनडीए के इक्तेदार में आने के कुछ दिन बाद ही उन्हें इस मामले की जांच कर रही एनआईए के एक आफीसर का कॉल आया।

रोहिणी के मुताबिक, आफीसर ने फोन पर न बात करके उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात में आफीसर ने कहा कि उनके लिए पैगाम है। उन्हें इस मामले में नरमी बरतनी चाहिए।

12 जून को इस मामले की बाकयदगी सुनवाई के दौरान इसी आफीसर ने कहा कि ऊपर के लोग नहीं चाहते कि वह इस मामले में पैरवी करें। कोई दूसरे एडवोकेट को आगे की कार्रवाई के लिए बुला लिया जाएगा। 68 साल की रोहिणी ने कहा कि वह चाहती हैं कि एनआईए इस मामले से उन्हें सरकारी तौर पर अलग कर दे।

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