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मासूम तालिबा इशरत दहश्तगर्द किस तरह होसकती है ? : शरद पवार

गुजरात पुलिस की जानिब से अहमदाबाद में एक फ़र्ज़ी एनकाउंटर के नाम पर हलाक करदी जाने वाली मुंबई की नौजवान लड़की इशरत जहां को एक मासूम कॉलिज तालिबा क़रार देते हुए मर्कज़ी वज़ीर और एन सी पी के सरबराह शरद पवार ने कहा कि उन पर होने वाले मज़ालिम

गुजरात पुलिस की जानिब से अहमदाबाद में एक फ़र्ज़ी एनकाउंटर के नाम पर हलाक करदी जाने वाली मुंबई की नौजवान लड़की इशरत जहां को एक मासूम कॉलिज तालिबा क़रार देते हुए मर्कज़ी वज़ीर और एन सी पी के सरबराह शरद पवार ने कहा कि उन पर होने वाले मज़ालिम का रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करने पर मुस्लमानों को ज़िम्मेदार क़रार नहीं दिया जा सकता।

पवार ने 2006 के मालेगावं में हुए बम धमाकों के मुक़द्दमात में बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों को तहक़ीक़ाती एजॆंसी की जानिब से मुक़द्दमात में फांसे जाने का मसला भी उठाया और कहा कि इस तरह के वाक़ियात से ना सिर्फ़ उनके ख़ानदानों को मसाइल और मसाइब का सामना करना पड़ा है बल्कि ख़ुद इनमें से हिंदुस्तान से ताल्लुक़ रखने का एहसास ही अमलन‌ ख़त्म होगया है।

इशरत जहां फ़र्ज़ी एनकाउंटर हलाकत का तज़किरा करते हुए शरद पवार ने कहा कि उस लड़की की ग़लती क्या थी ? एक मासूम कॉलिज तालिबा किस तरह से दहश्तगर्द होसकती है ? इस एनकाउंटर में इशरत जहां और उसके तीन साथियों को गोली मार कर हलाक कर दिया गया था और अब इस एनकाउंटर में मुलव्वस पुलिस ओहदेदारों के ख़िलाफ़ मुक़द्दमात चलाए जा रहे हैं और उनसे कुछ जेलों में हैं।

शरद पवार ने कहा कि आज उन ओहदेदारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भले ही की जाये लेकिन मुतास्सिरा ख़ानदान पूरी तरह से तबाह होगए हैं। उन्हें इस से जो तकलीफ़ हुई है इस का कोई इज़ाला नहीं हो सकता ।

शरद पवार हंजे वाड़ी में अपनी पार्टी वर्कर्स के एक इजलास से ख़िताब कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मालेगावं बम धमाकों के केस में 19 मुस्लमान नौजवानों को तीन साल तक क़ैद में रखा गया जिस के बाद मुबय्यना हिंदू तख़रीबकारों को इस में माख़ूज़ किया गया है। इस तरह से मुस्लिम नौजवानों की ज़िंदगियां तबाह होगईं। फिर किस तरह से वो ये एहसास करेंगे कि उनका इस मुल्क से ताल्लुक़ है? मुस्लिम बिरादरी के ताल्लुक़ से हमें अपना ज़हन और अपनी सोच बदलने की ज़रूरत है । उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के वाक़ियात की वजह से कोई बरहम होजाए और किसी रद्द-ए-अमल का इज़हार करे तो उसे किस तरह ज़िम्मेदार क़रार दिया जा सकता है ? मुल्क के निज़ाम और इंतिज़ामी ढांचा में तबदीलियों की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए एन सी पी सरबराह ने अपनी पार्टी के वर्कर्स और कारकुनों पर ज़ोर दिया कि अगर उन्हें वोटों से महरूम भी होजाना पड़े तब भी वो सच्चाई का साथ दें।

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