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माह रमज़ान के एहतेराम में इस्लाम के नाम पर तशद्दुद तर्क करदिया जाये

नई दिल्ली: शाही इमाम मस्जिद फ़तह पूरी दिल्ली मुफ़क्किर मिल्लत मौलाना डाँक्टर मुफ़्ती मुहम्मद मुकर्रम अहमद ने नमाज़े जुमा से क़बल ख़िताब में मुसलमानों को ताकीद की कि माह रमज़ान में आमाल हसना की पाबंदी करें। उन्होंने कहा कि रोज़े फ़र्ज

नई दिल्ली: शाही इमाम मस्जिद फ़तह पूरी दिल्ली मुफ़क्किर मिल्लत मौलाना डाँक्टर मुफ़्ती मुहम्मद मुकर्रम अहमद ने नमाज़े जुमा से क़बल ख़िताब में मुसलमानों को ताकीद की कि माह रमज़ान में आमाल हसना की पाबंदी करें। उन्होंने कहा कि रोज़े फ़र्ज़ हैं और तरावीह संत मोकदा है।

म‌र्दों औरतों और बालिग़ लड़के और लड़कियों को उनकी पाबंदी करनी चाहिए नीज़ सदक़ा ख़ैरात ,हुस्न-ए-सुलूक और सिला रहमी का भी बेहद सवाब है। रोज़ों से हमारी रुहानी तरबियत होती है ,रोज़े में हर एक छोटे बड़े गुनाह से बचने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि ज़कात‌ मुस्तहिक़ रिश्तेदारों को और भरोसा मंद लोगों को दें ताकि आख़िरत की दीनदारी बाक़ी ना रहे।

शाही इमाम ने वज़ीरे आज़म की तरफ़ से रमज़ान मुबारक की आमद पर मिल्लते इस्लामीया को मुबारकबाद की तारीफ़ की और कहा कि वज़ीरे आज़म ये हिदायात भी जारी करदें कि हिन्दुस्तान में कहीं भी मुसलमानों की इबादतों में कोई ख़लल ना डाला जाये और इंतेज़ामीया हर तरह का तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम करे।

शाही इमाम ने तमाम ममालिक इस्लामीया और इस्लाम के नाम पर तशद्दुद करने वाले गिरोहों से अपील की कि वो माह रमज़ान का एहतेराम करें और सियासी मामलात में भी रसूल अल्लाह के उस्वा हसना पर अमल करें। उन्होंने कहा कि इसराईल इन सब हालात का फ़ायदा उठा कर अपनी पेशक़दमी जारी रखे हुए है। मस्जिदे अकसा को ख़तरात लाहक़ हैं नीज़ फ़लस्तीनियों पर मज़ालिम ढाए जा रहे हैं। मुस्लिम ममालिक यू एन ओ से अपील करें कि इसराईल पर पाबंदी आइद की जाएं और मस्जिदे अकसा की हिफ़ाज़त के लिये सब को मुत्तहिद होना ज़रूरी है।

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