माज़ूर मुजरिम की सज़ा-ए-मौत पर अमल दरामद रोकने पर फ़ैसला महफ़ूज़

माज़ूर मुजरिम की सज़ा-ए-मौत पर अमल दरामद रोकने पर फ़ैसला महफ़ूज़
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पाकिस्तान के सूबा पंजाब की लाहौर हाईकोर्ट ने चलने फिरने से क़ासिर सज़ा मौत के क़ैदी अब्दुल बासित की सज़ा पर अमल दरामद रोकने पर फ़ैसला महफ़ूज़ कर लिया है। मंगल को हाईकोर्ट के जस्टिस अनवारुल हक़ और जस्टिस इरम सज्जाद पर मुश्तमिल दो रुक्नी बेंच ने केस की समाअत की।

वाज़ेह रहे कि फैसलाबाद की एक अदालत ने क़त्ल के मुजरिम 43 साला अब्दुल बासित को 29 जुलाई को फांसी देने के लिए डेथ वारंट जारी किए थे। जिसके बाद जस्टिस प्रोजेक्ट पाकिस्तान ने हाईकोर्ट में दरख़ास्त दायर की और मौक़िफ़ अख़तियार किया कि चूँकि अब्दुल बासित बीमार और चलने फिरने से क़ासिर हैं लिहाज़ा उनकी सज़ा मौत पर अमल दरामद ना किया।

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