मिडिल ईस्ट में शांति के लिए मध्यस्थता के तौर पर अमरीका पर भरोसा नहीं किया जा सकता- अरब लीग

मिडिल ईस्ट में शांति के लिए मध्यस्थता के तौर पर अमरीका पर भरोसा नहीं किया जा सकता- अरब लीग
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यरुशलम पर ट्रम्प के विवादित फैसले के बाद से ही मुस्लिम देशों की बैठक जारी है। ओआईसी के अलावा मुस्लिम देशों की संगठन अरब लीग भी ताबड़तोड़ बैठक कर रही है।

काहिरा में घंटों की बैठक के बाद अरब लीग के देशों ने सख्त नाराजगी जताई है।अअमेरिका के फैसले का विरोध करते हुए यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर मान्यता देने के इस फैसले को मानने से इंकार कर दिया है। इस प्रस्ताव का अमरीका के कई क़रीबी देशों ने भी समर्थन किया है।

अरब लीग के विदेश मंत्रियों ने कहा, इस निर्णय का मतलब ये हुआ कि मध्य पूर्व में शांति के लिए मध्यस्थ के तौर पर अमरीका की भूमिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन जैसे देश हैं जिन्होंने अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

मालूम हो कि इसराइल ने हमेशा ही यरूशलम को अपनी राजधानी माना है जबकि फलस्तीनी लोग पूर्वी यरूशलम पर भविष्य के ‘फलस्तीन राष्ट्र’ की राजधानी होने का दावा करते हैं।

गज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक में तीन दिनों से जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बाद 22 देशों की ओर से जारी किए गए इस बयान में अमरीका के क़रीबी सहयोगी देश शामिल हैं।

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