Thursday , December 14 2017

मिड डे मील बंद, एक माह से भूखे पढ़ाई कर रहे बच्चे

एक माह से दारुल हुकूमत के स्कूलों में मिड डे मील बंद है। बच्चे स्कूल में भूखे रह कर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन हुकूमत को इसकी परवाह नहीं। वह स्कूल में इसके लिए सर्वे करा रही है कि खाना स्कूल में बनाया जाये या बाहर से मंगाया जाये।

एक माह से दारुल हुकूमत के स्कूलों में मिड डे मील बंद है। बच्चे स्कूल में भूखे रह कर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन हुकूमत को इसकी परवाह नहीं। वह स्कूल में इसके लिए सर्वे करा रही है कि खाना स्कूल में बनाया जाये या बाहर से मंगाया जाये।

जनवरी से मिलेगा

महकमा के मुताबिक जनवरी माह से इन स्कूलों में मिड डे मील शुरू किया जायेगा। स्कूल तालीम कमेटी की तरफ से 210 स्कूलों में मिड डे मील बनाये जाने की बात है। इसके लिए स्कूलों का सर्वे कराया जा रहा है। वहां के किचन के बारे में जानकारी ली जा रही है। जिन स्कूलों में किचन की इंतिज़ाम नहीं हैं, वहां इसकी निज़ाम की जायेगी, ताकि स्कूलों में जल्द से जल्द मिड डे मील बनाया जा सके।

पटना जिले के 210 स्कूलों में पहले एनजीओ अदारा एकता फाउंडेशन की तरफ से खाना भेजा जाता था। लेकिन, 22 नवंबर को प्राइमरी स्कूल उत्तरी सैदपुर में मिड डे मील में चूहा पाये जाने की वाकिया के बाद अदारा के सेंटरलायज़ किचन को अगले हुक्म तक के लिए बंद कर दिया गया है। तब से उन स्कूलों में खाना नहीं बनाया जा रहा है।

“स्कूल में जल्द मिड डे मील की निज़ाम की जायेगी। इसके लिए स्कूलों का सर्वे कराया जा रहा है। जरूरत के मुताबिक तमाम स्कूलों में किचन की इंतेजाम कर खाना बनाने का काम शुरू किया जायेगा।”
सुनील कुमार तिवारी, पटना जिला इंचार्ज, मिड डे मील

“महकमा से बात की गयी थी, लेकिन उस पर फैसला नहीं हुआ है। पटना जिले में खाना नहीं भेजे जाने से किचन का खर्च मेंटेन करना पड़ रहा है। अगले हुक्म तक खाना नहीं भेजा जायेगा।”
मनीष मित्तल, चीफ़, एकता शक्ति फाउंडेशन

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