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मिनी कुंडा जागीर ,दरगाह कमेटी के हवाले की जाएगी

हैदराबाद ०६ अप्रैल (सियासत न्यूज़ ) आंधरा प्रदेश हाईकोर्ट की जानिब से मनी कुंडा जागीरके मुताल्लिक़ दिए गए फ़ैसले को देखते हुए हुकूमत को चाहीए कि वो अदालत के फ़ैसले को तस्लीम करले और जायदाद दरगाह के हवाले करने के इक़दामात करे । दरग

हैदराबाद ०६ अप्रैल (सियासत न्यूज़ ) आंधरा प्रदेश हाईकोर्ट की जानिब से मनी कुंडा जागीरके मुताल्लिक़ दिए गए फ़ैसले को देखते हुए हुकूमत को चाहीए कि वो अदालत के फ़ैसले को तस्लीम करले और जायदाद दरगाह के हवाले करने के इक़दामात करे । दरगाह हज़रत सय्यद हुसैन शाह वली ऒ की इंतिज़ाम कमेटी के वकील की हैसियत से अदालत में पेश होने वाले जनाब सय्यद अबदुलग़फ़्फ़ार ऐडवोकेट ने आज एक ख़ुसूसी मुलाक़ात के दौरान ये बात बताई ।

उन्हों ने बताया कि आंधरा प्रदेश हाईकोर्ट ने वक़्फ़ ट्रब्यूनल की जानिब से आई ए 24/2011के 28 मार्च को दिए गए फ़ैसले को बरक़रार रखते हुए ये साबित कर दिया है कि मज़कूरा जायदाद की किसी भी तरह की ख़रीद-ओ-फ़रोख़त या मुंतक़ली की इजाज़त नहीं है । जनाब सय्यद अबदुलग़फ़्फ़ार ने बताया कि वक़्फ़ ट्रब्यूनल में उन्हों ने इसमुक़द्दमा की कामयाब पैरवी करते हुए अहकाम हासिल किए थे जिसे हाईकोर्ट में चैलेंज किया गया था लेकिन हाईकोर्ट ने दरगाह हज़रत हुसैन शाह वली ऒ की ओक़ाफ़ी अराज़ी के तहफ़्फ़ुज़ केलिए जो अहकाम जारी किए हैं वो इंसाफ़ की जीत के मुतरादिफ़ है ।

उन्हों ने बताया कि ट्रब्यूनल के अहकाम की बिना पर वक़्फ़ बोर्ड को इस मुक़द्दमा का फ़रीक़ बनाया गया था और वक़्फ़ बोर्ड ने मुक़द्दमा में अपने वकील के ज़रीया बड़ी हद तक तआवुन किया । उन्हों ने बताया कि हाईकोर्ट के फ़ैसले के बावजूद दरगाह हज़रत हुसैन शाह वली की ओक़ाफ़ी आराज़ीयात का हुसूल ओ ऐस नंबर 7/2011 के फ़ैसला पर इन्हिसार करता है ।

उन्हों ने हाईकोर्ट के फ़ैसला को बड़ी कामयाबी क़रार देते हुए कहा कि इस सिलसिला में दरगाह हज़रत हुसैन शाह वली ऒ इंतिज़ामी कमेटी ने मिस्टर ऐस वे सुरेश कुमार को अपना वकील मुक़र्रर किया था । जनाब सय्यद अबदुलग़फ़्फ़ार ने बताया कि सब से पहले उन्हों ने दरगाह हज़रत हुसैन शाह वली ऒ की ओक़ाफ़ी अराज़ी के तहफ़्फ़ुज़ और नाजायज़ क़ाबज़ीन के तख़लिया के लिए 11 जनवरी 2011 को वक़्फ़ ट्रब्यूनल से रुजू होते हुए सर्वे नंबरात01,203,210,211,212,65,71, 193,199,207,215,229,231,241,243, 246और 263 पर मौजूद नाजाइज़ क़ाबज़ीन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की दरख़ास्त दाख़िल की थी ।

28 मार्च 2011 को ट्रब्यूनल के अहकाम के बाद ओक़ाफ़ी जायदाद पर क़ाबिज़ ए पी आई आई सी ,अम्मार प्रापर्टीज़ , अम्मार हल टाउनशिप , लैंको हिलज़, माईक्रो साफ़्ट , इंफोसिस , वीपरो-ओ-दीगर कंपनीयों ने अदालत से रुजू हुई । जनाब सय्यद अबदुलग़फ़्फ़ार ने बताया कि हज़रत हुसैन शाह वली ऒ दरगाह से मुत्तसिल ओक़ाफ़ी अराज़ी के मुक़द्दमा में जिन लोगों ने रिट दरख़ास्तें दाख़िल की थी इन सब की मुशतर्का सुनवाई करते हुए यकसूई की गई है।

उन्हों ने बताया कि ओ ऐस नंबर 7/2011का फ़ैसला मनी कुंडा ओक़ाफ़ी जायदाद का क़तई फ़ैसला होगा जिस के ज़रीया मज़कूरा जायदाद दरगाह के हवाले करदिए जाने की उम्मीद ही। उन्हों ने बताया कि रियास्ती हुकूमत को सूरत-ए-हाल से वाक़फ़ीयत के बाद फ़ौरी तौर पर जायदाद की हवालगी के इक़दामात करती हुए जायदाद के मंशाए वक़्फ़ के मुताबिक़ इस्तिमाल की इजाज़त दें।

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