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मिर्जा गालिब की 220वीं जयंती पर Google ने रोचक डूडल बनाकर उन्हें किया याद!

नई दिल्ली: उर्दू के लोकप्रिय शायर मिर्जा गालिब की बुधवार को 220वीं जयंती पर सर्च इंजन गूगल ने रोचक डूडल बनाकर उन्हें याद किया।

गालिब का असली नाम मिर्जा असदुल्लाह बेग खान था लेकिन वह दुनियाभर में मिर्जा गालिब के नाम से लोकिप्रय हैं।

इस डूडल में गालिब को मुगलकालीन इमारत की बालकनी में खड़ा देखा जा सकता है। इस दौरान उनके हाथ में कागज और कलम है और पृष्ठभूमि में सूर्य और मस्जिद का नजारा है।

गालिब का जन्म 1797 में हुआ था। वह उर्दू और परसी भाषा के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली कवि थे। उन्होंने ऐसे समय में लिखना शुरू किया, जब देश में मुगल साम्राज्य अपने अंतिम चरण में था और भारत, ब्रिटिश हुकूमत में जकड़ना शुरू हो गया था।

उनकी गजलों में अलग-अलग लोग अलग-अलग तरीके से गाते हैं।

गालिब भारत के युवाओं को ही नहीं बल्कि दुनियाभर के लोगों को प्रेरित करते हैं।

मिर्जा गालिब ने 11 साल की उम्र में कविता लिखना शुरू कर दिया था। उर्दू उनकी मातृभाषा थी लेकिन वह पारसी और तुर्की भाषा में भी समान पारंगत थे।

दाबीर-उल-मुल्क और नजम-उद-दौला के साथ सम्मानित, ग़ालिब पुरानी दिल्ली में गली कासिम जान, बलिमरान, चांदनी चौक में रहते थे, जिसे अब “गालिब की हवेली” कहा जाता है।

उनका निवास ‘ग़ालिब मेमोरियल’ में बदल गया है और एक स्थायी ग़ालिब प्रदर्शनी है।

गालिब का निधन 15 फरवरी, 1869 में हुआ था। उनका मकबरा दिल्ली के निजामुद्दीन में चौसठ खंभा के पास स्थित है।

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