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मिलें सऊदी की पहली महिला रॉक क्लाइम्बिंग ट्रेनर्स यासमीन अल-गहटानी से

रियाद : यासमीन अल-गहटानी सऊदी अरब की पहली महिला रॉक क्लाइम्बिंग ट्रेनर्स में से एक है जिन्होंने पिछले तीन महीनों के दौरान 150 से अधिक सऊदी लोगों को प्रशिक्षित किए हैं। शिकागो से रॉक क्लाइंबिंग में गहटानी को प्रमाण पत्र मिला है। वह यूरोप और अमेरिका में रॉक क्लाइम्बिंग चला रही थी, जिससे उन्होंने विभिन्न प्रकार के चट्टानों पर चढ़ने के लिए विभिन्न कौशल हासिल किए।

उसने अल अरबिया से कहा कि रॉक क्लाइम्बिंग सिखाता है कि कैसे कोई अपनी भावनाओं को नियंत्रित करें और डर को दूर करे। वह कहती हैं की एक बार मैंने एक पहाड़ पर चढ़ गयी जो 400 मीटर ऊंचा था और लगातार आठ घंटे तक चढ़ती रही, और तब वह सबसे ऊंचाई तक पहुंच चुकी थी। यास्मीन ने पर्वतारोहण और रॉक क्लाइंबिंग के बीच के अंतर को समझाया कि यह थोड़ा जटिल है क्योंकि यह शरीर को संतुलित करने और उंगलियों के उपयोग पर निर्भर करता है। उसने कहा कि वह रॉक क्लाइम्बिंग के बारे में जानने के लिए इटली की यात्रा की और 4,800 मीटर और 5,800 मीटर की ऊंचाई पर आल्प्स पर्वत और किलिमंजारो की चट्टानों पर चढ़ गयी।

यास्मीन के मुताबिक, कुछ पर्वत चढ़ने के लिए 12 घंटे तक नॉन-स्टॉप चढ़ना पड़ सकता है। उसने ट्रेनिंग के लिए 150 लोगों में बहुत सारे महिलाओं को भी शामिल किया, उन्होंने कहा, रॉक क्लाइंबिंग के लिए विशिष्ट वज़न या फिटनेस की ज़रूरत नहीं होती है क्योंकि लचीलेपन और सीखने की इच्छा जानने के लिए पर्याप्त है उसने कहा कि हिजाब महिलाओं को सीखने से नहीं रोकता है।

यास्मीन ने कहा कि वह रॉक क्लाइम्बिंग को सिखाने के लिए सऊदी क्लाइंबिंग एसोसिएशन में शामिल हो जाएगी, उनका कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य सऊदी महिलाओं को ट्रेनिंग करना है कि कैसे उन्हें पर्वतों में चढ़ना चाहिए क्योंकि यह उन्हें अधिकार देता है और उन्हें अपने चरित्र का निर्माण करने में मदद करता है।

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