मुस्लिम अगर एकजुट हो गए , तो आतंकवाद को भागने तक के लिए जगह नहीं मिलेगी: मौलाना असगर अली

मुस्लिम अगर एकजुट हो गए , तो आतंकवाद को भागने तक के लिए जगह नहीं मिलेगी: मौलाना असगर अली

नई दिल्ली: इसमें जरा भी संदेह की गुंजाइश नहीं कि आतंकवाद एक गैर इस्लामी प्रक्रिया है और हमें इस संबंध में किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं है। मिल्लत इस्लामिया एकजुट होगी तो फिर आतंकवाद को भागने के लिए जगह नहीं मिलेगी लिहाज़ा हमें एकजुट होकर उसका पीछा करना है, यह हम सभी की जिम्मेदारी और धार्मिक कर्तव्य है कि आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंके। इन विचारों का इज़हार जमीयत अहले हदीस हिंद के अध्यक्ष मौलाना असगर इमाम महदी सल्फी ने यहां एक राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए किया।

” क़ौम व मिल्लत आईएस और आतंकवाद की खोज में ” शीर्षक से आयोजित इस सेमिनार को संबोधित करते हुए मौलाना असगर इमाम ने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि सभी संगठनों और दलों को एक साथ आईएस और आतंकवाद के फ़ित्ने की सरकोबी के लिए आगे आएं और देश और समाज से आतंकवाद का नामो निशान मिटा दें. उन्होंने आगे कहा कि यह बहुत ही बड़ा भ्रम है कि सल्फ़ी ही आतंकवादी हैं जबकि भारत से लेकर सऊदी अरब तक सभी सल्फ़ी उल्मा के फतवे आतंकवाद और आईएस के खिलाफ एक समय पहले सामने आ चुके हैं।

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