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मिल्लत, समाजी ख़िदमत गुज़ार मज़हबी रहनुमा से महरूम:ज़ाहिद अली ख़ां

हैदराबाद 15 जनवरी:ज़ाहिद अली ख़ां एडीटर रोज़नामा सियासत ने सदर कुल हिंद मजलिस तामीरे मिल्लत-ओ-जनरल सेक्रेटरी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुहम्मद अबदुर्रहीम क़ुरैशी के सानिहा इंतेक़ाल पर अपने गहरे दुख का इज़हार करते हुए कहा कि शहरे हैदराबाद खास्कर सरज़मीने दक्कन और मराठवाड़ा के इलाक़ों में तामीरे मिल्लत को वुसअत देने के अलावा फ़साद मुतास्सिरीन की इमदाद के ज़रीये बाज़ आबादकारी जैसे मुआमलात में मरहूम की ख़िदमात नाक़ाबिले फ़रामोश हैं।

उन्होंने कहा कि रहीम क़ुरैशी एक समाजी ख़िदमत गुज़ार, मुसन्निफ़, सहाफ़ी, वकील के अलावा मज़हबी रहनुमा की हैसियत से अपनी शनाख़्त रखते थे।

ज़ाहिद अली ख़ां ने सदर कुल हिंद मजलिस तामीरे मिल्लत के जज़बा ख़िदमते ख़लक़ को काबिले तारीफ क़रार देते हुए कहा कि उनके इंतेक़ाल से सरज़मीन हैदराबाद एक एसे फ़र्ज़ंद से महरूम हो गई है जिसने क़ौमी सतह पर मुसलमानों के मसाइल खास्कर पुलिस एक्शण, बाबरी मस्जिद की बाज़याबी जैसे उमोर पर शऊर बेदारी मुहिम चलाई और मुसलमानों को मुत्तहिद किया।

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