Friday , January 19 2018

मिसाइल मैन की कब्र के आसपास जानवरों का डेरा

डॉ. कलाम, ये हम सब जानते हैं कि वो इस युग के महानायक थे, उनका जीवन हमारे लिए किसी अनमोल हीरे से कम नही था। उन्होंने हमेशा ही हमें ख्वाब देखना और उसे जीना सिखाया। उन्होंने अपने ज़िंदगी का एक-एक पल भारत की तरक़्क़ी के लिए दिया। वह सिर्फ़ भारत के मिसाइल कार्यक्रम के पिता ही नहीं थे, बल्कि हमारे मुल्क के सबसे प्यारे राष्ट्रपतियों में से एक थे। लेकिन जब आप रामेश्वरम में उनके ‘अंतिम आरामगाह’ की हालत देखेंगे, तो ज़रूर आपका दिल भर आएगा।

क्या यह कहना सही नही होगा कि यह तस्वीर उस भारत को दर्शाती हैं जहाँ नेताओं और अधिकारियों को सिर्फ़ अपनी कुर्सी और पद से मोह है? क्या यह कहना ग़लत होगा कि यह तस्वीर बयान करती है उस भारत कि जहाँ सिर्फ़ भ्रष्ट, अवसरवादी और झूठे राष्ट्रवादी साख का चोला पहने लोगों की ही पूछ है?आने वाली जुलाई 27, 2016 को मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति के नाम से जाने जाने वाले हम सबके प्रिय डॉक्टर कलाम को, एक साल हो जाएंगे जब वे हमारा साथ छोड़ कर चले गए थे। उनको 30 जुलाई 2015 को पूरे सम्मान के साथ रामेश्वरम के पी करूम्बु ग्राउंड में दफ़नाया गया था।

यही नही आज उनकी अंत्येष्टि स्थल पर जो अव्यवस्था देखने को मिली है, उससे ज़रूर हर भारतीय का दिल आहत होगा। स्मारक की बात छोड़िए यह जगह सरकार और लोगों की अपेक्षा का इस कदर शिकार हुआ है की यहाँ आवारा पशुओं का ठिकाना बन गया है।

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