मिस्र : एहितजाजियों को कुचल दिया गया: एमन्सिटी इंटरनैशनल

मिस्र : एहितजाजियों को कुचल दिया गया: एमन्सिटी इंटरनैशनल
लंदन २३ नवंबर ( ए एफ़ पी ) हक़ूक़-ए-इंसानी की बैन-उल-अक़वामी तंज़ीम एमन्सिटी इंटरनैशनल ने कहा है कि मिस्र में एहितजाजी मुज़ाहिरीन की उम्मीदों को कुचल दिया गया है।

लंदन २३ नवंबर ( ए एफ़ पी ) हक़ूक़-ए-इंसानी की बैन-उल-अक़वामी तंज़ीम एमन्सिटी इंटरनैशनल ने कहा है कि मिस्र में एहितजाजी मुज़ाहिरीन की उम्मीदों को कुचल दिया गया है।

मंगल को जारी होने वाली एक रिपोर्ट में तंज़ीम ने कहा है कि बेरहमी के बाअज़ हालिया वाक़ियात साबिक़ सदर हसनी मुबारक के दौर की निसबत ज़्यादा संगीन थी।

फरवरी में बग़ावत के नतीजे में हसनी मुबारक की हुकूमत का तख़्ता उल्टे जाने के बाद इक़तिदार में आने वाली मुसल्लह अफ़्वाज की सुप्रीम कौंसल ने मुल्क में इंसानी हुक़ूक़ की सूरत-ए-हाल बेहतर बनाने के खोखले वादे कियॆ। रिपोर्ट में कहा गया है कि फ़ौजी अदालतों ने हज़ारों शहरीयों के ख़िलाफ़ मुक़द्दमात चलाए हैं जबकि एमरजैंसी क़वानीन में भी तौसी की गई है।

एमन्सिटी इंटरनैशनल का कहना है कि फ़ौज की ज़ेर-ए-हिरासत अफ़राद पर तशद्दुद का सिलसिला जारी है जबकि मुज़ाहिरीन पर हमलों के लिए सिक्योरिटी फ़ोर्सॆज़ की जानिब से मुसल्लह ठग्गों को इस्तिमाल करने की इत्तिलात भी मुसलसल सामने आ रही हैं।

एमन्सिटी इंटरनैशनल के मशरिक़ वुसता और शुमाली अफ़्रीक़ा केलिए क़ाइम मक़ाम डायरेक्टर ने कहा है कि मिस्री फ़ौज सैक्योरिटी की आड़ में वही इक़दामात जारी नहीं रख सकती जो हसनी मुबारक के दौर में देखे गयॆ।

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