मीज़ाईल आकाश का एक और कामयाब तजुर्बा

मीज़ाईल आकाश का एक और कामयाब तजुर्बा
हिंदूस्तान ने 2 दिन क़बल(पहले) कामयाब तजुर्बा के बाद आज फिर एक देसी साख़ता ( अपने देश मे बनाया हुआ/ निर्मित) ज़मीन से फ़िज़ा में वार करने वाले आकाश मीज़ाईल का चांदीपुर के टेस्ट रेंज से कामयाब तजुर्बा किया। आकाश मीज़ाईल प्रोजेक़्ट से वाबस्त

हिंदूस्तान ने 2 दिन क़बल(पहले) कामयाब तजुर्बा के बाद आज फिर एक देसी साख़ता ( अपने देश मे बनाया हुआ/ निर्मित) ज़मीन से फ़िज़ा में वार करने वाले आकाश मीज़ाईल का चांदीपुर के टेस्ट रेंज से कामयाब तजुर्बा किया। आकाश मीज़ाईल प्रोजेक़्ट से वाबस्ता ( संबंधित/ जुड़े हुए) डी आर डी ओ ओहदेदार ने बताया कि ये आज़माईशी मरहला फ़िज़ाईया की मश्क़ों का मामूल का हिस्सा है।

उन्होंने बताया कि हमारी टेक्नोलोजी और इस की कारकर्दगी का वक़तन फ़वक़तन जायज़ा लेने के लिए इस तरह के तजुर्बे किए जाते हैं। आकाश मीज़ाईल का 24 मई को भी इसी टेस्ट रेंज से कामयाब तजुर्बा किया गया था। इस मीज़ाईल में 60 किलो वज़नी वार हेड 25 किलो मीटर के फ़ासिला तक ले जाने की सलाहीयत है।

ये तैय्यारा शिकन(विमान भेदी तोप) डीफेंस सिस्टम से मरबूत है और हमा पहलू ( समस्त/ सभी) मक़ासिद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

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