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मी सेवा के तजुर्बा से मुल्क भर को मुतआरिफ़ करवाने का फैसला

रियासत की ई गवर्नैंस मी सेवा के तजुर्बा से दूसरी रियासतों को भी वाक़िफ़ करवाने का फैसला किया है । मी सेवा के तेहत रियासती हुकूमत जुमला 45मुख़्तलिफ़ ख़िदमात फ़राहम कर रही है और उन ख़िदमात में तौसीअ(विसतार) के ज़रीए 100 तक पहूँचाने का म

रियासत की ई गवर्नैंस मी सेवा के तजुर्बा से दूसरी रियासतों को भी वाक़िफ़ करवाने का फैसला किया है । मी सेवा के तेहत रियासती हुकूमत जुमला 45मुख़्तलिफ़ ख़िदमात फ़राहम कर रही है और उन ख़िदमात में तौसीअ(विसतार) के ज़रीए 100 तक पहूँचाने का मंसूबा है ।

ये तौसीअ आइन्दा तीन माह में हो सकती है । मी सेवा का गुज़शता साल आग़ाज़ अमल में आया था । मी सेवा के तहत इन मराकज़ पर सदाक़त नामा पैदाइश, ज़ात पात-ओ-इनकम सरटिफ़िकट 15 ता 20 मिनट में जारी किए जा रहे हैं ।

उन के हुसूल के लिये पहले 10 ता 15 दिन दरकार हुआ करते थे । चीफ मिनिस्टर ने आज ई इंडिया प्रोग्राम के दौरान सेक्रेटरी महिकमा इलेक्ट्रॉनिक्स-ओ-इन्फॉर्मेशन टेक्नालोजी हकूमत-ए-हिन्द की तजवीज़ पर मुसबत रद्द-ए-अमल का इज़हार क्या ।

मिस्टर सत्य नारायना ने चीफ मिनिस्टर को तजवीज़ किया कि मी सेवा को क़ौम के नाम मानून किया जाये ताकि दूसरी रियासतों को भी इस प्लेटफार्म से इस्तिफ़ादा का मौक़ा मिल सके ।

इस के इलावा इन ख़िदमात के नतीजा में आम आदमी के सालाना 4000 ता 6000 करोड़ रुपये की बचत भी होरही है । उन्हों ने कहा कि वो इन्फॉर्मेशन-ओ- कम्युनिकेशन टैक्नालोजी को सेहत के शोबा में भी इस्तिमाल करने का मंसूबा रखते हैं ।

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