मुंबई आदर्श सोसाइटी घोटाला: चव्हाण ने मुकदमा चलाने की अनुमति को दी चुनौती

मुंबई आदर्श सोसाइटी घोटाला: चव्हाण ने मुकदमा चलाने की अनुमति को दी चुनौती
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मुंबई: महाराष्ट्र के हाउसिंग सोसाइटी घोटाले में सीबीआई ने राज्यपाल सी विद्यासागर राव से आदर्श कोपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी मामले में आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी थी, जिस पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने मुकदमा चलाने के राज्यपाल द्वारा दी गई अनुमति को चुनौती दी है. उन्होंने इस संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है.

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हिंदुस्तान के ख़बरों के अनुसार, महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने इस साल के फरवरी में सीबीआई को चव्हाण के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी है. इसके खिलाफ चव्हाण की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि अभियोजन की मंजूरी मनमाना, अवैध और अन्यायपूर्ण है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि राजभवन ने बिना उचित सोच-समझ के और दुभार्वनापूर्ण इरादों के तहत यह फैसला लिया है. चव्हाण की याचिका 22 दिसंबर को विचार के लिए हाईकोर्ट के समक्ष आई. हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले को 23 जनवरी 2017 तक लिए इसे स्थगित कर दिया. अब एकल पीठ इसपर विचार करेगी. गौरतलब है कि नवंबर 2010 में चव्हाण पर आरोप लगने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
सीबीआई ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण पर आदर्श सोसाइटी में अपने रिश्तेदारों को दो फ्लैट दिलाने के एवज में सोसायटी के लिए अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स को मंजूरी देने का आरोप लगाया. उन पर तत्कालीन राजस्व मंत्री रहते हुए 40 प्रतिशत फ्लैटों का आवंटन असैन्य लोगों को अवैध तरीके से करने का भी आरोप है.
उल्लेखनीय है कि सीबीआई आदर्श कोपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी मामले में कांग्रेस सांसद चव्हाण पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी थी.

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