Tuesday , September 25 2018

मुअम्मर अफ़राद (बूढे वयक्तियों) को 200 रुपये माहाना पेंशन तौहीन के मुतरादिफ़: जय राम रमेश

मुअम्मर अफ़राद(बूढे वयक्तियों)‍ व-अरकान के एक ग्रुप ने जो ज़ईफ़ अलामरी की पेंशन में इज़ाफ़ा के ख़ाहां हैं, ने बिलआख़िर कांग्रेस सरबराह (व्यवस्थापक) सोनिया गांधी का दरवाज़ा खटखटाया और मुलाक़ात के बाद ये इद्दिआ (इच्छा) किया कि सोनिया गांधी

मुअम्मर अफ़राद(बूढे वयक्तियों)‍ व-अरकान के एक ग्रुप ने जो ज़ईफ़ अलामरी की पेंशन में इज़ाफ़ा के ख़ाहां हैं, ने बिलआख़िर कांग्रेस सरबराह (व्यवस्थापक) सोनिया गांधी का दरवाज़ा खटखटाया और मुलाक़ात के बाद ये इद्दिआ (इच्छा) किया कि सोनिया गांधी ने उन की मुश्किलात की समाअत (सुनवाई) के बाद इस बात पर इत्तिफ़ाक़ (सहमती) किया कि मुअम्मर (बूढे) हज़रात के लिए 200 रुपये माहाना की पेंशन वाक़्यता (वास्तव मे) बेहद कम है।

अरूना राय और बाबा आधो की क़ियादत में पेंशन परिषद के एक वफ़द ने कल सोनिया गांधी से मुलाक़ात की थी। सोनिया गांधी से बात चीत के दौरान पेंशन हासिल करने वालों ने पेंशन की रक़म में इज़ाफ़ा और रक़म के हुसूल (प्राप्ती/ मिलना) के लिए ख़त ग़ुर्बत से ऊपर की सतह जैसे लज़ूम से दसतबरदारी का मुतालिबा किया।

पेंशन परिषद ने दरि असना एक ब्यान जारी करते हुए इद्दिआ (दावा) किया कि सोनिया गांधी ने ख़ुद भी पेंशन की रक़म में इज़ाफ़ा की तजवीज़ से इत्तिफ़ाक़ ( इच्छा) किया है और ये तवक्कुन भी दिया है कि वफ़द ( प्रतिनीधी मंडल) के मुतालिबात की तकमील के लिए हत्तल इमकान कोशिश करेंगी।

सोनिया गांधी ने कहा कि पेंशन हासिल करने वाले अरकान (व्यक्तियों) 200 रुपय फ़ी माह से 2,000 रुपय फ़ी माह का मुतालिबा कर रहे हैं। इस मुतालिबा की यकसूई का वो तवक्कुन नहीं दे सकतीं, लेकिन इस बात से मुत्तफ़िक़ ( सहमत) हैं कि आज के इस महंगाई के दौर में 200 रुपये माहाना पेंशन इंतिहाई क़लील है।

यहां इस बात का तज़किरा (चर्चा/ज़िकर) दिलचस्पी से ख़ाली ना होगा कि हाल ही में वज़ीर बराए देही तर कुयात (Rural Development Minister/ग्रामीण विकास मंत्री) जय राम रमेश ने कहा था कि मुअम्मर अफ़राद को 200 रुपय माहाना जो पैंशन दी जाती है, वो इन अफ़राद ( व्यक़्तियों) की तौहीन के मुतरादिफ़ ( बराबर) है।

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