Friday , May 25 2018

मुख़ालिफ़ दहश्तगर्दी बैन-उल-अक़वामी(अंतरराष्ट्रीय) सिसटम पर अमल आवरी

हिंदूस्तान ने बैन-उल-अक़वामी(अंतरराष्ट्रीय) क़ानूनी चौखटों पर रुकन ममालिक की जानिब से मूसिर अमल आवरी पर ज़ोर दिया ताकि दहश्तगर्दी के ख़िलाफ़ जंग की जा सके और दहश्तगरदों को दुनिया में किसी भी जगह महफ़ूज़ पनाहगाह हासिल ना होसके।

हिंदूस्तान ने बैन-उल-अक़वामी(अंतरराष्ट्रीय) क़ानूनी चौखटों पर रुकन ममालिक की जानिब से मूसिर अमल आवरी पर ज़ोर दिया ताकि दहश्तगर्दी के ख़िलाफ़ जंग की जा सके और दहश्तगरदों को दुनिया में किसी भी जगह महफ़ूज़ पनाहगाह हासिल ना होसके।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की जनरल असैंबली के इजलाससे इस का मौज़ू क़ानून की हुक्मरानी , क़ौमी और बैन-उल-अक़वामी(अंतरराष्ट्रीय) सतहों पर था, ख़िताबकरते हुए अक़वाम-ए-मुत्तहिदा का दौरा करने वाले हिंदूस्तानी रुकन पार्लीमैंट धर्मेन्द्र यादव ने जो अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के दौरा पर हैं,

इस की जनरल असैंबली के इजलास से ख़िताबकरते हुए कहा कि हिंदूस्तान दहश्तगर्दी के ख़िलाफ़ जंग में इजतिमाई कार्रवाई पर ज़ोर देता है, क्योंकि ये बैन-उल-अक़वामी(अंतरराष्ट्रीय) अमन-ओ-सयानत केलिए एक ख़तरा की हैसियत सेबरक़रार है।

उन्हों ने कहा कि हिंदूस्तान जमहूरीयत , मआशी तरक़्क़ी , पायदार तरक़्क़ी, सनफ़ी इंसाफ़ , इंसिदाद (रोकथाम) ग़ुर्बत और बुनियादी आज़ादीयों को यक़ीनी बनाने बैन-उल-अक़वामी(अंतरराष्ट्रीय)सतह पर क़ानूनसाज़ी का मुतालिबा करता है।

क़ौमी सतह पर क़ानूनसाज़ अरकान को इस पर ख़ुसूसी तवज्जा दीनी चाहीए।

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