Tuesday , December 12 2017

मुख्तार अंसारी परिवार समेत आज होंगे बीएसपी में शामिल.

लखनऊ:   सारी अटकलों को विराम देते हुए आज 5 बजे लखनऊ में स्थित बसपा कार्यलय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कौमी एकता दल को बीएसपी में शामिल कर लिया गया. मंगलवार से सोशल मीडिया पर ये खबरें उड़ रही थी मुख्तार अंसारी अपने पूरे परिवार समेत बीएसपी में शामिल होने वाले हैं.अफजाल अंसारी सिबगतुल्लाह अंसारी अब्बास अंसारी व जंगीपुर से विधायक शादाब फातिमा व् गाजीपुर सदर से मंत्री विजय मिश्र सहित कई और सपा नेता ने आज बीएसपी ज्वाइन किया.

 

मुख्तार को मऊ, सिगबतुल्लाह को मुहम्मदाबाद से टिकट देने की खबर है, हालांकि बीएसपी और अंसारी बंधुओं ने अब तक पुष्टि नहीं की है. मुख़्तार जहां से चुनाव लड़ते थे सपा ने वहां का टिकट किसी दूसरे को दिया गया है. सपा से टिकट कटने के बाद से ही उनके बीएसपी में जाने की अटकलें तेज हो गई थीं. मुख्तार अंसारी पर हत्या और अवैध वसूली समेत कई आरोप हैं. उन पर बीजेपी नेता कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप है, जिसका केस दिल्ली की अदालत में चल रहा है.

उल्लेखनीय है कि मुलायम और शिवपाल ने समाजवादी पार्टी में कौमी एकता दल का विलय करवाया था, लेकिन अखिलेश इसके खिलाफ थे. बाद में जब समाजवादी पार्टी की नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया तो मुख्तार के भाई को सिगबतुल्लाह को उन्होंने बुलाकर सपोर्ट करने को कहा था. अखिलेश ने चुनाव आयोग में अपने सपोर्ट वाले जिन विधायकों का एफेडेविट दिया था उसमें उनका भी था. सिगबतुल्लाह का कहना है कि बाद में अखिलेश ने उनसे कहा कि आप चुनाव प्रचार कीजिए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मउ सीट पर मुख्तार के खिलाफ अल्ताफ अंसारी को टिकट दिया और मुख्तार के भाई सिगबतुल्लाह की मोहम्मदाबाद सीट कांग्रेस को दे दी. अंसारी भाइयों का कहना है कि यह उनके साथ धोखा है.

मुख्तार पर हत्या-वसूली जैसे कई केस दर्ज हैं. वैसे मुख्तार एक बहुत बड़े राजनीतिक परिवार से हैं. मुख्तार के दादा डॉ अंसारी कांग्रेस के नेशनल प्रेजिडेंट थे, जिनके नाम से दिल्ली में डॉ. अंसारी रोड है और मुख्तार के नाना ब्रिगेडियर उस्मान थे, जिन्हें परमवीर चक्र मिला था.

जानें कौन हैं मुख्तार अंसारी

  • बाहुबली नेता हैं मुख्तार अंसारी
  • हत्या अवैध वसूली समेत कई आरोप
  • बीजेपी नेता कृष्णानंद राय की हत्या के आरोपी
  • दिल्ली की अदालत में चल रहा है मुकदमा
  • 2012 में कौमी एकता दल बनाया
  • 2005 से लखनऊ सेंट्रल जेल में क़ैद
  • 2007 और 2012 में जेल से ही चुनाव लड़े और जीते
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