Monday , June 25 2018

मुख्यमंत्री को लेकर लॉबिंग तेज, रघुवर, सरयू, सीपी रेस में

इधर पार्टी के अंदर सीएम ओहदे के दावेदारों की लॉबिंग तेज हो गई है। रियासत का अगला वजीरे आला आदिवासी होगा या फिर गैर आदिवासी, इसपर फैसला पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड फैसला करेगा। लेकिन दोनो तरफ से दावेदार रेस हो गए हैं। गैर आदिव

इधर पार्टी के अंदर सीएम ओहदे के दावेदारों की लॉबिंग तेज हो गई है। रियासत का अगला वजीरे आला आदिवासी होगा या फिर गैर आदिवासी, इसपर फैसला पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड फैसला करेगा। लेकिन दोनो तरफ से दावेदार रेस हो गए हैं। गैर आदिवासी वजीरे आला के लिए तीन नाम सामने आ रहे हैं। इनमें रघुवर दास, सरयू राय और सीपी सिंह शामिल हैं। रघुवर दास सीएम ओहदे की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वे पार्टी के क़ौमी सदर अमित शाह की पहली पसंद हैं। उधर मरकज़ी दाखला वज़ीर राजनाथ सिंह ने रांची के एमएलए सीपी सिंह के नाम को आगे बढ़ाया है। सरयू राय के लिए भी लॉबिंग तेज हो गई है।

मुंडा का रोल अहम

वजीरे आला का नाम तय करने के लिए साबिक़ वजीरे आला अर्जुन मुंडा के रोल को काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी की हिदायत पर दिल्ली से आनेवाले भी मुंडा से मिलकर सीएम के नाम पर उनकी राय लेंगे। बताया जाता है कि इस सबजेक्ट पर मुंडा की राय काफी अहम होगी। यही वजह है कि सीएम ओहदे के तमाम दावेदार एक-एक कर मुंडा से मिल रहे हैं। दास और राय ने भी बुध को मुंडा से मुलाकात की।

आदिवासी वजीरे आला होने की हालत में तीन अहम चेहरे सामने आ रहे हैं। इसमें गुमला के एमएलए शिवशंकर उरांव का नाम सबसे ऊपर सामने आ रहा है। शिवशंकर आरएसएस की पहली पसंद बताए जा रहे हैं। वहीं संघ की एक और पसंद सिसई एमएलए दिनेश उरांव हैं। दिनेश उरांव को पार्टी में गैर आदिवासियों का भी हिमायत हासिल है। खूंटी एमएलए नीलकंठ सिंह मुंडा भी वजीरे आला ओहदे की दौड़ में हैं। उनको हुकूमत का एक्सप्रीयेंस भी है और पार्टी का एक ग्रुप इनका हिमायत कर रहा है। मरकज़ी वज़ीर सुदर्शन भगत भी दौड़ में शामिल हैं।

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